इंडियन टी-20 लीग के 12वें संस्करण का आगाज आज से होने जा रहा है। इस सीजन का पहला मुकाबला विराट कोहली के नेतृत्व वाली बैंगलोर और डिफेंडिंग चैपियन चेन्नई के बीच खेला जाएगा। आइए मुकाबले से पहले एक बार जान लेते हैं दोनों टीमों की कमजोरियां और ताकत के बारे में...
'धोनी सेना'-'कोहली की टोली' में मुकाबला आज, यहां देखें दोनों की ताकत और कमजोरी
चेन्नई की मजबूती
इस टीम के ज्यादातर खिलाड़ी लंबे समय से एक दूसरे के साथ खेल रहे हैं। इस वजह से टीम में एकजुटता नजर आती है। खास बात यह है कि ये मुकाबला चेन्नई के घरेलू स्टेडियम (चेपक) में खेला जा रहा है, जो स्पिन फ्रेंडली है और चेन्नई की टीम प्रतिभाशाली स्पिन गेंदबाजों से भरी पड़ी है।
चेन्नई के पास डुप्लेसिस, रैना और वॉटसन जैसे बल्लेबाज हैं जो रुककर खेलना भी जानते हैं तेज स्ट्राइक रेट से रन बनाने में भी माहिर हैं।
चेन्नई की कमजोरी
ड्वेन ब्रावो और रविंद्र जडेजा जैसे धांसू ऑलराउंडर होने के बावजूद अंतिम ओवर्स में स्कोरबोर्ड तेजी से आगे बढ़ाने से चूक जाती है। लुंगी एनगिडी के चोटिल होने के बाद चाहर, विली और मोहित की गेंदबाजी में वो धार नजर नहीं आती।
टीम के ज्यादातर खिलाड़ी उम्रदराज हैं, इस वजह से फिटनेस के कारण टीम पिछड़ सकती है। हालांकि पिछले साल इन्हीं खिलाड़ियों के दम पर चेन्नई ने टाइटल जीता था।
बैंगलोर की ताकत
इस टीम के पास एबी डीविलियर्स, शेमरोन हेटमेयर और हेनरिक क्लासेन जैसे मैच विनर खिलाड़ी हैं, जो किसी भी वक्त मैच का रुख पलटने का दम रखते हैं। युजवेंद्र, वॉशिंगटन और पवन नेगी की तिगड़ी टीम को जीत दिलाने में अहम रोल निभा सकती है।
इस टीम में विराट कोहली के अलावा दूर-दूर तक कोई मजबूत भारतीय बल्लेबाज नजर नहीं आता, जिससे टीम का बैलेंस बिगड़ता है। युजवेंद्र और उमेश की अगुवाई में गेंदबाजों ने अब तक टुकड़ों में ही अच्छा खेल दिखाया है।
इस टीम के गेंदबाज डेथ ओवर्स में सबसे ज्यादा हल्के पड़ जाते हैं। पीछले सीजन में भी डेथ ओवर्स में गेंदबाजों ने 11.86 के इकॉनमी रेट से रन लुटाए थे।