विराट कोहली के नेतृत्व में खेलने वाली भारतीय टीम के पास 70 साल में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने का सर्वश्रेष्ठ मौका है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बोर्ड स्मिथ, वॉर्नर और कैमरन बेनक्राफ्ट पर लगे प्रतिबंध पर अगले हफ्ते तक फैसला कर सकता है, लेकिन संकेत हैं कि वह इस दागी तिकड़ी की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जल्द वापसी के लिए तैयार नहीं हैं।
दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड दौरों पर शिकस्त झेलने के बाद कोहली की अगुआई वाली टीम के पास ऑस्ट्रेलिया में अपनी प्रतिष्ठा बचाने का मौका है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत चार टेस्ट की सीरीज खेलेगा जिसके पहले टेस्ट की शुरुआत छह दिसंबर से एडिलेड में होगी।
दस साल से नहीं जीता ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट
भारतीय टीम अभी तक 11 बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेल चुकी है जिसमें से आठ बार उसे हार मिली है, जबकि तीन सीरीज बराबरी पर छूटी। दोनों के बीच ऑस्ट्रेलिया में पिछली बार 2014-15 में चार मैचों की सीरीज खेली गई थी जिस पर मेजबान टीम ने 2-0 से कब्जा किया था।
भारतीय टीम वर्ष 2000 के बाद से ऑस्ट्रेलियाई धरती पर सिर्फ टेस्ट मैच ही जीत पाया है। इसमें भी उसने पिछला टेस्ट मैच 2008 में जीता था। इस तरह वह पिछले दस वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में एक भी टेस्ट नहीं जीता है।
स्मिथ-वॉर्नर का रहा था जलवा
चार साल पहले (2014-15) चार टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान कप्तान स्मिथ और वॉर्नर भारत के लिए सिरदर्द साबित हुए थे। स्मिथ ने 128.16 की औसत से 769 रन बनाए थे। उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां बिखेरते हुए चारों टेस्ट मैचों में शतक जड़े थे।
वॉर्नर ने 427 रन बनाए थे। इन दोनों के दम पर मेजबान टीम ने यह सीरीज 2-0 से अपने नाम की थी। इस बार ये दोनों खिलाड़ी नहीं होंगे, ऐसे में उम्मीद है कि भारतीय गेंदबाजी आक्रमण नए बल्लेबाजों को खुद पर हावी नहीं होने देंगे।