Independence day 2019: भारतीय सेना की शान बढ़ाते हैं ये क्रिकेटर्स, जिन्होंने थामी बैट के साथ बंदूक

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Wed, 14 Aug 2019 06:37 PM IST
कपिल देव-एमएस धोनी-सचिन तेंदुलकर
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15 अगस्त 1947 को भारत ने अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों को तोड़ा। इस गुरुवार देश आजादी की 73वीं वर्षगांठ मनाने को तैयार है। इतने सालों में देश ने कई क्षेत्रों में 'तिरंगा' लहराया। खेल का मैदान भी इससे अछूता नहीं रहा। कई मौकों पर खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया हैं। इनमें से कुछ खिलाड़ियों को क्रिकेट में अपने अतुल्य योगदान के लिए सरकार नौकरी भी दी गई हैं। कुछ क्रिकेटर्स विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं तो कई देश की सेना में सेवाएं देते हैं। आइए एक नजर डालते हैं ऐसे ही क्रिकेटर्स पर...
सचिन तेंदुलकर
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सचिन तेंदुलकर

'मास्टर-ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर ने जब तक क्रिकेट खेला इस खेल का हर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने में कामयाब रहे। वह 2012 से 2018 तक राज्यसभा के भी मनोनित सदस्य रहे तो वर्ष 2010 में उन्हें इंडियन एयरफोर्स का कैप्टन भी बनाया गया था। सचिन इंडियन एयर फोर्स में ग्रुप कैप्टन हैं। वह इस सम्मान को पाने वाले पहले क्रिकेट खिलाड़ी हैं। सचिन ने वायु सेना की सुखोई विमान को भी उड़ाया है। सचिन देश के युवाओं के लिए एयर फोर्स का चेहरा हैं। कुछ साल पहले उन्हें हिंडन में 83वें वायु सेना दिवस समारोह में भाग लेते हुए देखा गया।

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कपिल देव
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कपिल देव
 
साल 1983 में भारत को पहला विश्वकप दिलाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव की गिनती क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडर्स के बीच की जाती है। साल 2008 में कपिल पाजी को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का दायित्व दिया गया। कपिल प्रादेशिक सेना से जुड़े हैं। सेना ने कपिल को एक आइकन के रूप में उभारा। उनकी नियुक्ति के समय, टेरिटोरियल आर्मी के अतिरिक्त महानिदेशक ने उन्हें ब्रांड एंबेसडर बताया था और कहा था कि कपिल देव के शामिल होने के बाद सेना में युवाओं के हित में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।
एमएस धोनी
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एमएस धोनी
 
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सफलतम कप्तान और अपनी अगुवाई में टीम को 2011 विश्व कप दिलाने वाले धोनी का सेना प्रेम किसी से छिपा नहीं। वह बचपन से ही आर्मी ऑफिसर बनना चाहते थे। आखिरकार 2015 में उनका यह सपना तब पूरा हुआ जब भारतीय सेना ने माही को लेफ्टिनेंट कर्नल बनाया। वह टेरिटोरियल आर्मी की पैराशूट रेजिमेंट का हिस्सा हैं। उन्होंने आगरा में पैरा-रेजिमेंट में दो सप्ताह का प्रशिक्षण भी किया है। धोनी फिलहाल भारतीय सेना के साथ कश्मीर में तैनात हैं और अपनी रेजिमेंट में पेट्रोलिंग समेत अन्य काम कर रहे हैं। माही का सेना के प्रति लगाव दिखता रहता है। विश्व कप में धोनी ने अपने कीपिंग ग्लव्स पर 'बलिदान बैज' लगाया था, जिसके बाद खूब बवाल कटा था। 
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सीके नायडू
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सीके नायडू
 
भारतीय टीम के पहले पहले कप्तान कर्नल सीके नायुडू 1923 में होलकर राजा के न्योते पर इंदौर पहुंचे थे। उनकी सेना में उन्हें कर्नल का पद दिया गया था। इसके साथ ही लेफ्टिनेंट कर्नल हेमू अधिकारी का टेस्ट करियर दूसरे विश्व युद्ध के कारण देर से शुरू हुआ। उन्होंने 29 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने 21 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान भारतीय टीम ने कुल 47 मैच खेले। इसके बाद चंद्रशेखर गडकरी, नारायण स्वामी, रमन सुरेंद्रनाथ, अपूर्व सेनगुप्ता और वेंटप्पा मुद्दीआ ने भी सेना और क्रिकेट दोनों जगह सेवाएं दीं।
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