भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला बुधवार (तीन जनवरी) से केपटाउन में खेला जाएगा। टीम इंडिया सीरीज 1-1 की बराबरी पर समाप्त करना चाहेगी। सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका ने पहला टेस्ट पारी और 32 रन से अपने नाम किया था। भारत के लिए सीरीज में वापसी करना आसान नहीं है। दूसरा केपटाउन में होगा और यहां टीम इंडिया का रिकॉर्ड खराब है। 31 सालों में अब तक न्यूलैंड्स ग्राउंड पर जीत नहीं मिली है।
1992: मैच ड्रॉ
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मोहम्मद अजहरुद्दीन
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मोहम्मद अजरुद्दीन की कप्तानी में पहली बार भारतीय टीम 1992 में केपटाउन में टेस्ट मैच खेली थी। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। जोंटी रोड्स और ब्रायन मैकमिलन के अर्धशतकों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पारी को 370/9 के स्कोर पर घोषित कर दिया था। जवाब में भले ही मनोज प्रभाकर और सचिन तेंदुलकर ने अर्धशतक जमाए, लेकिन भारत 114 रन पीछे रह गया। टीम इंडिया 276 रन पर ऑलआउट हो गई थी। मजबूत बढ़त के लिए दक्षिण अफ्रीका के प्रयास को श्रीनाथ ने रोक दिया। उन्होंने 33 रन देकर चार विकेट लिए। दक्षिण अफ्रीका ने दूसरी पारी में छह विकेट पर 130 रन बनाए। भारत को 244 रन का लक्ष्य मिला, लेकिन खेल में समय की कमी के कारण भारत दूसरी पारी में एक विकेट पर 29 रन तक ही पहुंच पाया और टेस्ट ड्रॉ हो गया। जवागल श्रीनाथ इस मैच में भारत के स्टार थे। उन्होंने मैच में छह विकेट लिए थे।
1997: भारत 282 रन से हारा
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सचिन तेंदुलकर
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सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में दूसरी बार टीम इंडिया केपटाउन में खेलने उतरी। 1997 में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। उसने अपनी पहली पारी को 529/7 के स्कोर पर घोषित किया। गैरी कर्स्टन (103) और ब्रायन मैकमिलन (नाबाद 103) ने शतकीय पारी खेली। जवागल श्रीनाथ और वेंकटेश प्रसाद ने तीन-तीन विकेट लिए थे। भारत ने पहली पारी में 359 रन बनाए। सचिन तेंदुलकर ने 169 और मोहम्मद अजहरुद्दीन 115 रन बनाए। दोनों ने 222 रन की साझेदारी की थी। दक्षिण अफ्रीका को 170 रन की बढ़त मिली और उसने दूसरी पारी में छह विकेट पर 256 रन बनाए। श्रीनाथ ने दूसरी पारी में भी तीन विकेट लिए। भारत को जीत के लिए 427 रन का लक्ष्य मिला। टीम इंडिया दूसरी पारी में 144 रन पर ही सिमट गई। भारत 282 रन से मैच हार गया।
2007: भारत पांच विकेट से हारा
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सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़
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2006/07 के दौरे के दौरान भारत ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर अपना पहला टेस्ट मैच जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन उसकी खुशी ज्यादा दिन कायम नहीं रही। दक्षिण अफ्रीका ने डरबन में दूसरा टेस्ट जीत लिया और केपटाउन में भी शानदार प्रदर्शन किया। भारत के कप्तान राहुल द्रविड़ ने मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम इंडिया ने 414 रन बनाए। वसीम जाफर ने 116, सौरव गांगुली ने 66, सचिन तेंदुलकर 64 और दिनेश कार्तिक ने 63 रन बनाए थे। अफ्रीकी टीम पहली पारी में 373 रन बनाकर आउट हुई। भारत को 41 रन की बढ़त मिली। अश्विन ने चार विकेट लिए। दूसरी पारी में टीम इंडिया 169 रन पर ही सिमट गई। डेल स्टेन ने चार विकेट लिए। दक्षिण अफ्रीका ने पांच विकेट पर 211 रन बनाकर मैच और सीरीज को जीत लिया।
2011: ड्रॉ
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ग्रीम स्मिथ और महेंद्र सिंह धोनी
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इस बार केपटाउन टेस्ट में जैक्स कैलिस ने दो शतक लगाकर सबका दिल जीत लिया। वहीं, सचिन तेंदुलकर ने अपने 51वें और अंतिम टेस्ट शतक के साथ सीरीज में धूम मचा दी। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 362 रन बनाए। जैक्स कैलिस ने 161 और हाशिम अमला ने 59 रन बनाए। श्रीसंत ने पांच और जहीर खान ने दो विकेट लिए। भारतीय टीम पहली पारी में 364 रन पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका को दो रन की बढ़त मिली। सचिन तेंदुलकर ने 146 और गौतम गंभीर ने 93 रन बनाए। डेल स्टेन ने पांच विकेट झटके। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका की टीम 341 रन पर सिमट गई। कैलिस ने 109 और मार्क बाउचर ने 55 रन बनाए। हरभजन सिंह ने सात विकेट लिए। भारत को 344 रन का लक्ष्य मिला। टीम इंडिया तीन विकेट पर 166 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया। गंभीर ने दूसरी पारी में 64 रन बनाए।