भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। पर्थ में खेले गए पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने 295 रन से जीत दर्ज की थी। बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद भारतीय तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। अब दूसरा मुकाबला एडिलेड में छह दिसंबर से खेला जाना है। यह एक डे नाइट टेस्ट या यूं कहें पिंक बॉल टेस्ट होगा। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में इससे पहले सिर्फ एक डे नाइट टेस्ट खेला है और 2020 में एडिलेड में ही खेले गए उस मुकाबले में टीम इंडिया को कंगारुओं के हाथों से करारी शिकस्त मिली थी।
भारतीय टीम उस हार को भुलाकर एक नई शुरुआत करना चाहेगी। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि टीम इंडिया की प्लेइंग-11 क्या होगी? रोहित शर्मा और शुभमन गिल की वापसी ने टीम मैनेजमेंट की परेशानियां बढ़ा दी हैं। अगर ये दोनों खेलते हैं तो प्लेइंग-11 में काफी फेरबदल करना होगा। ऐसे में क्या रविचंद्रन अश्विन को खेलने का मौका मिल पाएगा, क्योंकि पिछले टेस्ट में बल्लेबाजी क्रम को मजबूत करने के लिए वॉशिंगटन सुंदर को खिलाया गया था। आइए SENA देशों यानी दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में अश्विन और बाकी भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन को देखते हैं..
SENA देशों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय
| गेंदबाज |
मैच |
विकेट |
सर्वश्रेष्ठ
गेंदबाजी |
5फर |
| अनिल कुंबले |
35 |
141 |
8/141 |
5 |
| ईशांत शर्मा |
41 |
130 |
7/74 |
5 |
| मो. शमी |
34 |
123 |
6/56 |
4 |
| जसप्रीत बुमराह |
27 |
121 |
6/33 |
7 |
| जहीर खान |
30 |
119 |
5/29 |
6 |
| कपिल देव |
35 |
117 |
8/106 |
7 |
| बिशन सिंह बेदी |
25 |
90 |
6/127 |
5 |
| जवागल श्रीनाथ |
22 |
89 |
6/76 |
4 |
| ईएस प्रसन्ना |
20 |
78 |
8/76 |
5 |
| आर अश्विन |
25 |
71 |
4/55 |
0 |
| बीएस चंद्रशेखर |
19 |
71 |
6/38 |
6 |
| हरभजन सिंह |
19 |
62 |
7/120 |
3 |
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विराट-रोहित-जडेजा-अश्विन
- फोटो : BCCI
अश्विन के लिए प्लेइंग-11 में जगह बनाना मुश्किल
भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के नाम टेस्ट क्रिकेट में 536 विकेट हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम में वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी के कारण प्लेइंग-11 में उनके लिए जगह बना पाना काफी मुश्किल दिख रहा है। पर्थ में तेज गेंदबाजों की मददगार पिच को देखते हुए टीम ने अश्विन और अनुभवी जडेजा की जगह सुंदर को बेहतर बल्लेबाजी के कारण शामिल किया था। आगे भी अगर पिच से तेज गेंदबाजों के लिए अधिक मदद हुई तो 38 साल के अश्विन के लिए टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल होगा।
अश्विन का खेलना तभी संभव है जब टीम को दो स्पिनरों की जरूरत पड़ती है तो। पर्थ में सुंदर की गेंदबाजी काफी खराब रही। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका यानी SENA देशों में प्रदर्शन को पैमाना बनाए तो प्लेइंग-11 में अश्विन से मजबूत दावेदारी जडेजा की दिखती है। जडेजा ने इन देशों में बेहतर बल्लेबाजी की है। भारतीय टीम के पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने कहा, 'मुझे लगता है कि मौजूदा फॉर्म को ध्यान में रखा गया है। भारतीय टीम मैनेजमेंट एक ऐसी टीम के साथ उतरना चाहता था जो आत्मविश्वास से भरी हो। मैनेजमेंट पिछले रिकॉर्ड को नहीं देख रहा है।'
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वॉशिंगटन सुंदर
- फोटो : ICC
'सुंदर निचले क्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज'
देवांग गांधी ने कहा, 'सुंदर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहतर गेंदबाजी की थी और वह निचले मध्यक्रम में भरोसेमंद बल्लेबाज है। उनका टीम में होना समझ में आता है।' हालांकि, SENA देशों में अश्विन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2021 में एडिलेड में खेले गए डे नाइट टेस्ट में आया था। उन्होंने इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई पारी में 55 रन देकर चार विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले घरेलू सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में स्पिनरों की मददगार पिचों में अश्विन सिर्फ नौ विकेट झटके थे।
गांधी ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में भारत की गेंदबाजी योजना जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और हर्षित राणा के इर्द-गिर्द घूमेगी। अगर मोहम्मद शमी को बाद में शामिल किया जाता है तो वह भी इसमें होंगे। इसलिए स्पिनर का काम इन तेज गेंदबाजों को थकान से बचाने के साथ रन गति को नियंत्रित करना होगा।'
SENA देशों में अश्विन की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी
| आंकड़े |
खिलाफ |
मैदान |
साल |
| 4/55 |
ऑस्ट्रेलिया |
एडिलेड |
2020 |
| 4/62 |
इंग्लैंड |
बर्मिंघम |
2018 |
| 4/105 |
ऑस्ट्रेलिया |
सिडनी |
2015 |
| 4/113 |
दक्षिण अफ्रीका |
सेंचुरियन |
2018 |
| 3/35 |
ऑस्ट्रेलिया |
मेलबर्न |
2020 |
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सुंदर और अश्विन
- फोटो : BCCI
SENA देशों में अश्विन के नाम कोई फाइफर नहीं
अश्विन ने SENA देशों में एक बार भी पारी में पांच विकेट नहीं चटकाए हैं। उन्होंने इन देशों में 43 मैचों में 83.7 की स्ट्राइक रेट से 71 विकेट लिए हैं। वहीं, जडेजा ने 35 मैचों में इसी स्ट्राइक रेट से 52 विकेट हासिल किए हैं। पिछले कई वर्षों से विदेशों में जडेजा को बेहतर बल्लेबाजी कौशल के कारण अश्विन पर तरजीह मिलती रही है। इन देशों में उनके नाम एक शतक और पांच अर्धशतक हैं। उन्होंने लगभग 30 के औसत से रन बनाए हैं, जबकि अश्विन के नाम दो अर्धशतक हैं।
भारत के एक पूर्व दिग्गज टेस्ट खिलाड़ी ने कहा, 'टीम के दो मुख्य स्पिनरों ने पिछले 10 साल में विदेश में अगर सिर्फ एक बार पांच विकेट लिए हैं तो यह समस्या है। जब बल्लेबाजी की बात आती है तो सुंदर इस मामले में दोनों से बेहतर हैं।' भारत के इन दोनों अनुभवी स्पिनरों के लिए इस दौरे पर टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल होगा। किसी मैच में अगर दो स्पिनरों की जरूरत हुई तो इन हालातों में सुंदर के साथ जडेजा को मौका मिलने के काफी ज्यादा आसार है।