बीसीसीआई के कड़े विरोध के बावजूद आईसीसी ने रेवेन्यू बंटवारे के नए मॉडल को सैद्धांतिक तौर पर स्वीकृति दे दी है। दुबई में आईसीसी मुख्यालय में 2 से 4 फरवरी के बीच हुई आईसीसी बोर्ड मीटिंग में यह फैसला किया गया। इसके अलावा भी कई अहम बातों पर फैसला हुआ।साल 2014 में आईसीसी बोर्ड ने बिग- मॉडल के तहत रेवेन्यू के बंटवारे को मंजूरी दी थी। इस मॉडल के तहत आईसीसी की आमदनी में सबसे बड़ा हिस्सा भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को मिलता था।
ICC ने BCCI को दिखाया ठेंगा, दी नए रेवेन्यू मॉडल को स्वीकृति
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बीसीसीआई स्पॉन्सर से जुड़ा सदस्य
नए मॉडल के तहत बीसीसीआई को बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा। साल 2014 में एन श्रीनिवासन के आईसीसी अध्यक्ष रहते जो मॉडल लाया गया था। उसके अनुसार बीसीसीआई को साल 2023 तक आईसीसी से 34 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आमदनी होती। इस मॉडल को लाने के पीछे श्रीनिवासन का तर्क था कि इन तीन देशों की वजह से ही आईसीसी को सबसे ज्यादा आय होती है इसलिए लाभ में इनकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा बनती है।
ICC ने BCCI को दिखाया ठेंगा, दी नए रेवेन्यू मॉडल को स्वीकृति
बिग थ्री मॉडल का टेस्ट खेलने वाले अन्य देशों के अलावा इससे लाभ पाने वाले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने भी विरोध किया। इस कारण भारत पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया। इस मामले पर जब वोटिंग हुई तो जिंबाब्वे ने खुद को वोटिंग से अगल रखा। हालांकि बीसीसीआई को नए मॉडल से 2015 से 2023 के बीच 29 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय होने की उम्मीद है। यह आय बिग थ्री मॉडल की तुलना में 34 प्रतिशत कम होगी।
साल 2007 से 2015 के बीच जिस फॉर्मूले के तरह रेवेन्यू का बटवारा होता था उसके तहत सभी पूर्णकालिक सदस्यों को लगभग 5.25 करोड़ अमेरिकी डॉलर मिलते थे। नए फॉर्मूले के तहत बीसीसीई को 29 करोड़ अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। इसका मतलब बीसीसीआई अब सबसे ज्यादा आमदनी करने वाला पूर्ण कालिक सदस्य होगा लेकिन जो कि पुराने मॉडल की तुलना में 452 प्रतिशत ज्यादा है। आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर का कहना है कि जब बीसीसीआई को पहले से ज्यादा राशि मिल रही है फिर भी उसे परेशानी क्यों है?
ICC ने BCCI को दिखाया ठेंगा, दी नए रेवेन्यू मॉडल को स्वीकृति
बीसीसीआई बिग थ्री सिस्टम के अंतर्गत 757 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4500 लाख डॉलर की राशि चाह रहा था। अभी जो वृद्धि हुई है वह केवल 452 प्रतिशत है। 2015-2023 के रेवेन्यू सायकल के दौरान भारत में आयोजित टी-20 विश्व आयोजित हुई एक मात्र आईसीसी स्पर्धा है। रेवेन्यू के बटवारे के बारे में स्पष्टता नहीं होने के कारण अब तक उससे संबंधित राशि का वितरण नहीं हो सका है।