मुंबई के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने वन-डे में प्रभावी डेब्यू किया और भारत ने श्रीलंका को चौथे वन-डे में 168 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 4-0 की बढ़त बनाई। अपने डेब्यू मैच में शार्दुल ने 7 ओवर में सिर्फ 26 रन देकर एक विकेट लिया। मगर दुर्भाग्य की बात यह रही कि युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन पर एक विवाद भारी पड़ गया। 25 वर्षीय शार्दुल को 10 नंबर की जर्सी पहनना भारी पड़ गया और सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना की गई। दरअसल, क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपने समय में 10 नंबर की जर्सी पहनते थे और इसी वजह से फैंस ने शार्दुल को ट्रोल किया।
'10 नंबर' की जर्सी पर ट्रोल हुए शार्दुल के बचाव में उतरा टीम इंडिया का दिग्गज क्रिकेटर
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टीम इंडिया के अनुभवी ऑफस्पिनर हरभजन सिंह ने ठाकुर का बचाव किया है। सचिन तेंदुलकर के लंबे समय से दोस्त रहे हरभजन ने पूर्व महान बल्लेबाज के डाई-हार्ड फैंस को अपनी भावनाओं को काबू करने की सलाह दी है। हरभजन सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया से शुक्रवार को बातचीत में कहा, 'शार्दुल की क्या गलती है अगर उसने 10 नंबर की जर्सी पहनी है तो? अगर वो तेंदुलकर को देखकर बड़ा हुआ है तो उसका सपना होगा 10 नंबर की जर्सी पहनना और भारत के लिए खेलना, जिसके लिए उसने कड़ी मेहनत की। महान सचिन तेंदुलकर के प्रति सम्मान प्रकट करने का वो उसका अपना तरीका होगा। हो सकता है कि ये उसका लकी नंबर हो।'
भज्जी ने आगे कहा, 'हर किसी की अपनी भावनाएं होती हैं। हम सभी सचिन पाजी की इज्जत करते हैं। जब तक वो खेले तब तक किसी ने 10 नंबर की जर्सी नहीं पहनी। वो जर्सी हमेशा जिंदा रहेगी। उसकी इज्जत सिर्फ इसलिए कम नहीं हो जाएगी कि कोई और उस नंबर की जर्सी पहन ले। ये तो बोर्ड का फैसला है कि वो इस नंबर को रिटायर या फिर सुरक्षित रखना चाहता है और सचिन तेंदुलकर को समर्पित करना चाहता है। अगर ऐसा होना था तो तब हो जाना था जब 2013 में तेंदुलकर ने संन्यास लिया था। अगर आप सचिन से पूछेंगे तो उन्होंने भी इससे कोई दिक्कत नहीं होगी कि कोई और इस नंबर की जर्सी पहन रहा है।'
37 वर्षीय हरभजन ने आगे कहा, 'निजी तौर पर मुझे कुछ गलत नहीं लगा कि किसी और ने 10 नंबर की जर्सी पहनी। हमें युवाओं को अच्छा खेलने और भारत के लिए मैच जीतने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, जैसा तेंदुलकर करते रहे हैं। शार्दुल की इसके लिए आलोचना करना सही नहीं है। उन्हें बेफिजूल विवादों में घसीटा जा रहा है। कल आप ये कहेंगे कि कोई वीरेंदर सहवाग की 45 नंबर की जर्सी या धोनी की 7 नंबर की जर्सी नहीं पहने।'
103 टेस्ट में 417 विकेट लेने वाले हरभजन ने कहा, 'देखिए, कोई 10 नंबर की जर्सी पहन ले तो वो तेंदुलकर नहीं बन सकता। तेंदुलकर हमेशा टॉप पर बने रहेंगे। जब आपने इस नंबर को उपलब्ध करा रखा है तो कोई क्यों नहीं पहनेगा।'