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भारतीय टेस्ट जर्सी का इंतजार: किसी ने हजारों रन बनाए, किसी ने लिए सैकड़ों विकेट, फिर भी टीम से दूर ये खिलाड़ी
Sat, 29 Aug 2026 05:26 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sat, 29 Aug 2026 05:26 PM IST
सार
घरेलू क्रिकेट में लगातार दमदार प्रदर्शन के बावजूद अभिमन्यु ईश्वरन, धर्मेंद्रसिंह जडेजा, शाहबाज अहमद, शम्स मुलानी और तनुष कोटियान अब भी भारत की टेस्ट टीम में मौके का इंतजार कर रहे हैं। शानदार फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड के बावजूद इन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है। आइए इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर डालते हैं...
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टेस्ट टीम में जगह को तरस से ये पांच खिलाड़ी
- फोटो : ANI/PTI/IANS
विस्तार
भारतीय क्रिकेट में घरेलू क्रिकेट को राष्ट्रीय टीम में चयन की सबसे अहम सीढ़ियों में से एक माना जाता है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में लंबे फॉर्मेट के प्रदर्शन को काफी महत्व दिया जाता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भी इंटरनेशनल क्रिकेटर्स को खाली समय में घरेलू क्रिकेट खेलने की सलाह देता रहा है। इसी वजह से ईशान किशन और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ घरेलू क्रिकेट में नहीं खेलने को लेकर सख्त कदम भी उठाए जा चुके हैं।
हालांकि, घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं, जो लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक इंटरनेशनल स्तर पर खुद को साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। इनमें कुछ खिलाड़ी तो वर्षों से फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में रन और विकेटों का अंबार लगा रहे हैं। आइए नजर डालते हैं ऐसे ही पांच खिलाड़ियों पर, जिनका घरेलू क्रिकेट का रिकॉर्ड उन्हें कम से कम टेस्ट टीम में मौका दिए जाने की मजबूत दावेदारी पेश करता है।
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हालांकि, घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं, जो लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक इंटरनेशनल स्तर पर खुद को साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। इनमें कुछ खिलाड़ी तो वर्षों से फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में रन और विकेटों का अंबार लगा रहे हैं। आइए नजर डालते हैं ऐसे ही पांच खिलाड़ियों पर, जिनका घरेलू क्रिकेट का रिकॉर्ड उन्हें कम से कम टेस्ट टीम में मौका दिए जाने की मजबूत दावेदारी पेश करता है।
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अभिमन्यु ईश्वरन
- फोटो : अमर उजाला
अभिमन्यु ईश्वरन
अभिमन्यु ईश्वरन उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनका नाम पिछले कई वर्षों से भारतीय टेस्ट टीम के आसपास नजर आता रहा है। बंगाल के इस सलामी बल्लेबाज ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। वह 114 फर्स्ट-क्लास मुकाबलों में करीब 47 की औसत से 8396 रन बना चुके हैं। उनके नाम 27 शतक और 36 अर्धशतक भी दर्ज हैं। ईश्वरन का फर्स्ट-क्लास डेब्यू 2013 में हुआ था और इसके बाद से वह लगातार घरेलू क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित करते रहे हैं। वह भारतीय टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा भी रह चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें टेस्ट मैच में मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में 30 साल की उम्र में भी ईश्वरन भारतीय टेस्ट कैप का इंतजार कर रहे हैं।
धर्मेंद्रसिंह जडेजा
- फोटो : अमर उजाला
धर्मेंद्रसिंह जडेजा
सौराष्ट्र के अनुभवी ऑलराउंडर धर्मेंद्रसिंह जडेजा घरेलू क्रिकेट में लंबे समय से अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने 100 फर्स्ट-क्लास मैचों में 423 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके नाम 121 विकेट, जबकि टी20 क्रिकेट में 65 विकेट दर्ज हैं।धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने 2013 में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में कदम रखा था। यानी एक दशक से ज्यादा समय से वह घरेलू स्तर पर लगातार खेल रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद भारतीय टेस्ट टीम में उन्हें अब तक जगह नहीं मिल सकी है। घरेलू क्रिकेट में उनके अनुभव और विकेटों के आंकड़े निश्चित तौर पर उन्हें टेस्ट टीम के लिए एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।
शाहबाज अहमद
- फोटो : अमर उजाला
शाहबाज अहमद
शाहबाज अहमद भारतीय क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह भारत के लिए तीन वनडे और दो टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उन्हें अब तक मौका नहीं मिला है।शाहबाज की सबसे बड़ी खासियत उनकी ऑलराउंड क्षमता है। वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ-साथ बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं।43 फर्स्ट-क्लास मैचों में उनके नाम 146 विकेट हैं, जबकि बल्लेबाजी में वह 2493 रन बना चुके हैं। ऐसे में लंबे फॉर्मेट में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की उनकी क्षमता उन्हें एक उपयोगी विकल्प बनाती है। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद शाहबाज अभी तक टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं। दलीप ट्रॉफी 2026 में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचने की कोशिश की है।
शम्स मुलानी
- फोटो : अमर उजाला
शम्स मुलानी
मुंबई के स्टार ऑलराउंडर शम्स मुलानी घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ-साथ वह बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं और लंबे फॉर्मेट में उनकी उपयोगिता काफी ज्यादा है। मुलानी ने 59 फर्स्ट-क्लास मैचों में 269 विकेट हासिल किए हैं। वहीं बल्ले से उन्होंने 2577 रन बनाए हैं। उनके नाम एक शतक और 22 अर्धशतक भी हैं। रणजी ट्रॉफी 2025-26 में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था और उन्होंने सात मुकाबलों में 30 विकेट अपने नाम किए थे।घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट लेने और बल्ले से उपयोगी योगदान देने के बावजूद मुलानी अभी तक भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने में सफल नहीं हो सके हैं। खास बात यह है कि वह सिर्फ विशेषज्ञ गेंदबाज नहीं, बल्कि एक उपयोगी ऑलराउंडर के तौर पर टीम को अतिरिक्त संतुलन भी दे सकते हैं।
तनुष कोटियान
- फोटो : अमर उजाला
तनुष कोटियान
तनुष कोटियान का नाम पिछले कुछ समय में भारतीय टेस्ट टीम के दरवाजे तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों में तेजी से उभरा है। मुंबई के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर ने 2023-24 रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उस सीजन उन्होंने 502 रन बनाने के साथ 29 विकेट हासिल किए और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। घरेलू क्रिकेट में उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें इंडिया ए टीम में जगह मिली और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी उन्होंने अपनी उपयोगिता दिखाई। इसके बाद दिसंबर 2024 में रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद कोटियान को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी दो टेस्ट के लिए भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में शामिल किया गया। यह उनका पहला टेस्ट कॉल-अप था। उस समय उनके नाम 33 फर्स्ट-क्लास मैचों में 101 विकेट और 1525 रन थे।हालांकि, कोटियान को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट डेब्यू का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2025 में इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय टेस्ट टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली। यानी टीम इंडिया की टेस्ट स्क्वॉड तक पहुंचने के बाद भी कोटियान अभी तक भारत के लिए टेस्ट मैच नहीं खेल सके हैं। 2026 में भी कोटियान घरेलू क्रिकेट में अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। अगस्त 2026 में दलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने शुरुआती मुकाबले में चार विकेट और फिर दूसरी पारी में भी चार विकेट लेकर शानदार गेंदबाजी की। मौजूदा समय में उनके फर्स्ट-क्लास रिकॉर्ड में 45 मैचों में 139 विकेट और 2181 रन दर्ज हैं।