ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्राथ का मानना है कि टीम इंडिया इस साल भी इंग्लैंड में संघर्ष करती दिखेगी। उन्होंने कहा कि मेहमान टीम को अगर इंग्लिश परिस्थितियों में सफल होना है तो उसे बहुत अच्छे इरादों से मैदान संभालना होगा। टीम इंडिया का इंग्लैंड दौरा 3 जून से शुरू होगा और इसे लेकर दिग्गजों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करना शुरू कर दिया है। इस दौरे पर असली जंग विराट कोहली और जेम्स एंडरसन के बीच मानी जा रही है।
टीम इंडिया की आलोचना शुरू, कप्तान विराट कोहली को बनाया गया सबसे पहला निशाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीम इंडिया ने जब पिछली बार इंग्लैंड का दौरा किया था तब कोहली का बल्ला खामोश रहा था। उन्होंने 15 की औसत से रन बनाए और जेम्स एंडरसन के सामने वह काफी परेशान दिखे थे। मैक्ग्राथ ने स्वीकार किया कि कोहली के क्रिकेट में अब काफी सुधार आया है, लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि इंग्लिश परिस्थितियों में एंडरसन किसी भी दिन सबसे खतरनाक साबित हो सकते हैं। पूर्व महान तेज गेंदबाज का मानना है कि अगर इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया सिर्फ कोहली पर निर्भर रही तो यह उसका मूर्खतापूर्ण फैसला होगा।
ग्लेन मैक्ग्राथ के हवाले से कहा गया, 'कोहली अब अनुभवी खिलाड़ी बन चुके हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि वह एक गुणी बल्लेबाज हैं। मगर इंग्लैंड की परिस्थिति में खेलना आसान नहीं। जब आपके सामने जेम्स एंडरसन जैसा गेंदबाज हो जो अभी लय में भी है तो ऐसे में आपका काम मुश्किल हो जाता है। आपको अपना खेल सुधारने के लिए कड़ी मेहनत करना होगी। कोहली अच्छे बल्लेबाज हैं और मेरा ध्यान एंडरसन बनाम कोहली जंग पर लगा है।'
ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ने आगे कहा, 'आप हमेशा चाहते हैं कि आपका सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करे। हालांकि, इससे दूसरे बल्लेबाज को आजादी से खेलने की इजाजत मिल जाती है। टीम में कुछ गुणी बल्लेबाजों का होना जरूरी है ताकि स्थिति पर नियंत्रण बना रहे। अगर भारतीय टीम सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर रही तो यह उसका गलत फैसला होगा।'
मैक्ग्राथ का यह भी मानना है कि टीम इंडिया के लिए चेतेश्वर पुजारा को बड़ी भूमिका अदा करना पड़ेगी। यह देखते हुए कि पुजारा का काउंटी क्रिकेट में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक अच्छा नहीं रहा, इसके बावजूद इंग्लैंड की स्थितियों को जानना उनके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। मैक्ग्राथ ने कहा, 'इंग्लैंड में कैसी परिस्थिति होंगी, इसका अंदाजा अभी मुझे नहीं है। पुजारा को वहां की स्थितियों का अंदाजा है, जिससे उन्हें मदद मिल सकती है।'