टीम इंडिया आजकल विजय रथपर सवार है। तकरीबन दो महीने लंबे श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया एक भी मैच नहीं हारी है। टेस्ट सीरीज पर उसके 3-0 से कब्जा किया और वनडे में 5-0 से जीत की कगार पर है। टीम कॉम्बिनेशन में बहुत सी छेड़छाड़ के बावजूद भारतीय टीम आसानी से जीत हासिल कर रही है। लेकिन भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर टीम में अंतिम एकादश के चयन के लिए फंकी हेयर स्टाइल और टैटू के क्राइटेरिया से खुश नहीं है। उन्होंने इस पर टोंट कसा है।
गावस्कर का कहना है कि जिन खिलाड़ियों ने कुछ भी गलत नहीं किया है उन्हें बेवजह टीम से बाहर रखा जा रहा है और टीम में बेवजह के प्रयोग किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, हार्दिक को चौथे वनडे में मनीष पांडे और केएल राहुल से पहले भेजा जाना ठीक नहीं था जबकि वो सभी अपनी अपनी जगह पर खेलने के लिए सहज हैं। हार्दिक के सस्ते में पवेलियन लौटने की वजह से विराट का वह दांव खाली चला गया।
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विराट कोहली और सुनील गावस्कर
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गावस्कर टीम का फॉर्म से खुश हैं और उनकी तारीफ कर रहे हैं लेकिन वो कुछ खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रूप से चुने जाने पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने राहुल के लगातार चार मैचों में असफल होने के बावजूद मौके दिए जाने और हार्दिक को बेवजह बल्लेबाजी के लिए ऊपर भेजे जाने के निर्णय पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंन टोंट कसते हुए कहा कि फैशन ट्रेंड को खिलाड़ियों के अंतिम एकादश में चयन का आधार बना लिया गया है। गावस्कर ने कहा, इस सीरीज में जिस तरह टीम का चयन किया गया उसके आधार पर तो यही कहा जा सकता है कि फंकी हेयर स्टाइल और टैटू टीम में चयन का आधार बन गया है। यदि किसी खिलाड़ी को टीम में जगह बनानी है तो उसे अपने शरीर पर टैटू बनवाना होगा या फंकी हेयरस्टाइल रखनी होगी।
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भारतीय क्रिकेट टीम
- फोटो : PTI
गावस्कर चौथे वन-डे में भुवनेश्वर, केदार जाधव और चहल को बाहर रखे जाने से नाखुश थे। वह वेस्टइंडीज में मैन ऑफ द सीरीज चुने गए रहाणे को जल्दी टीम में खेलता देखना चाहते हैं।