इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाते ही टीम टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री की चहूं ओर आलोचना शुरू हो चुकी है। हेड कोच होने के नाते हार का ठीकरा उन पर फूटना स्वभाविक है। मगर इस बारे में भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गजों की राय थोड़ी अलग हैं। गांगुली से लेकर गावस्कर और सहवाग से लेकर आकाश चोपड़ा तक ने रवि शास्त्री को आड़े हाथों लिया है।
दरअसल, एक निजी चैनल से बातचीत में सौरव गांगुली ने कहा, 'इन परिणामों के लिए हेड कोच रवि शास्त्री के साथ बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि क्यों एक बल्लेबाज तो बढ़िया प्रदर्शन कर पा रहा है लेकिन बाकी बल्लेबाज पीछे हटते नजर आ रहे हैं। जब तक ऐसे सवालों का जवाब नहीं मिलेगा तब तक तीनों विदेशी पिचों (इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका) में सीरीज जीतनी नामुमकिन होगी।'
गांगुली ने आगे कहा कि, टीम इंडिया की बल्लेबाजी ऑर्डर काफी समय से रन नहीं बना रही है। 2011 से अब तक विदेश में वे हर सीरीज हारी हैं। जब विराट रन बनाते हैं तो लगता कि वे अलग तरह के गेंदबाजों के साथ खेल रहे हैं। वहीं, बाकी बल्लेबाज किसी दूसरे तरह के गेंदबाजों के साथ खेलते दिखते हैं। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों का बल्लेबाजी स्तर काफी नीचे गिरा है।
इससे पहले टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी रवि शास्त्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, ड्रेसिंग रूम में बैठे रहने से कोई बेस्ट ट्रैवलिंग टीम नहीं बनती। रवि शास्त्री को जब से टीम इंडिया के मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया गया है, तब से इस टीम के पास दुनिया में सबसे अच्छी यात्रा करने की संभावना है। मौजूदा सीरीज में जब भारतीय टीम ने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट को अच्छी तरह से जीता, तो यह कहा जा रहा था कि मेहमान टीम वापसी करेगी और सीरीज में बराबरी करेगी। मगर इसका उलट हुआ।'
सहवाग ने आगे कहा कि बेस्ट टीम मैदान पर प्रदर्शन करने से बनती है न कि ड्रेसिंग रूम में गप्पे लड़ाने से। वहीं, गावस्कर ने कहा कि बल्लेबाज के रूप में विराट ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है लेकिन कप्तान और कोच तभी सफल होता है जब उसकी टीम बेहतर प्रदर्शन करें, जबकि आकाश चोपड़ा ने कहा कि 2014 से लेकर अब तक बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवालिया निशान उठते आए हैं और कोच शास्त्री के रहते भी इस समस्या का हल नहीं हो सका है। टीम की हालत जस की तस है।