पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए अब राष्ट्रीय टीम में वापसी करना मुश्किल होगा। धोनी को 2007 में कप्तान चुनने वाली सिलेक्शन समिति का हिस्सा रहे पूर्व स्पिनर वेंकटपति राजू का मानना है कि क्रिकेट से लंबे अंतराल की वजह से विकेटकीपर बल्लेबाज की वापसी अब टीम में मुश्किल है।
राजू ने कहा कि वह 15 साल से मैच विजेता है और उसकी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है। लेकिन, किसी भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के लिए इतने लंबे अंतराल के बाद वापस आना मुश्किल है। और अगर आईपीएल आयोजित किया जाता है तो सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, धोनी को आईपीएल में प्रदर्शन के आधार पर चुनी जाने वाली चीजों की योजना में होना चाहिए।
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धोनी
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उन्होंने आगे कहा, 'हर खिलाड़ी को दावेदारी में बने रहने के लिए खेलते रहना जरुरी है चाहे वो घरेलू क्रिकेट हो या इंडिया ए सीरीज और या फिर कोई और टूर्नामेंट। यह काम आपको दूसरे के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना वो इस बढ़ते उम्र के साथ आसान नहीं होता है, यहां आपको अपनी फिटनेस और कौशल पर भी ध्यान देना होता है।'
पूर्व स्पिनर ने यह भी बताया कि चयन समिति ने उस वक्त धोनी को कप्तानी क्यों दी थी। उन्होंने कहा, 'वे उस वक्त दबाव में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, और हमनें तय किया था कि निरंतर बढ़िया प्रदर्शन करने और मैच जिताने वाले कोई ही चुना जायेगा। धोनी को चुनने का एक और कारण यह भी था कि वे बाकियों की तुलना में अधिक फिट थे।'
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एमएस धोनी, चेन्नई सुपरकिंग्स
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बता दें कि धोनी ने आखिरी बार पिछले साल जुलाई में वर्ल्ड कप के दौरान अपना अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था, इसके बाद वे क्रिकेट से दूर हो गए थे। हालांकि वे इस साल आईपीएल से वापसी करने वाले थे लेकिन कोरोना वायरस की वजह से टूर्नामेंट स्थगित हो गया और उनका मैच खेलने का इंतजार और बढ़ गया।