भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर को कोलोनल (कर्नल) के नाम से भी जाना जाता है। सुनील गावस्कर और गुंडप्पा विश्वनाथ के साथ वह भी भारतीय टीम के की प्लेयर रहे हैं। वह 70वें के आखिर और 80वें दशक की शुरूआत में भारतीय टीम के जाने माने बल्लेबाज रहे। वह 1992 तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे। आइए जानते हैं उनके बारे में पांच दिलचस्प बातें...
1. दिलीप वेंगसरकर का जन्म 6 अप्रैल, 1956 को राजापुर (महाराष्ट्र) में हुआ था। दिलीप वेंगसरकर को पहली बार पहचान 1975 में हुई ईरानी ट्रॉफी से मिली। 19 साल की उम्र में वह 1974-75 की चैंपियन मुंबई टीम का हिस्सा थे। कट, हुक और पुल उनके सबसे पसंदीदा शॉट थे।
2. मौजूदा दौर में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को रन मशीन के नाम से जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली रन मशीन दिलीप वेंगसरकर ही थे। वेंगसरकर ने अपने टेस्ट करियर में खेले 116 मैचों में करीब 42 की औसत से 6868 रन बनाए थे, जिसमें 17 शतक भी शामिल थे।
3. ये क्रिकेट का वो दौर था जब दिलीप वेंगसरकर रनों के मामले में सिर्फ पूर्व कप्तान और सुनील गावस्कर से ही पीछे थे। कपिल देव के बाद 1987 वर्ल्ड के दौरान वेंगसरकर को कप्तान बनाया गया और उन्होंने बतौर कप्तान अपने पहले दो मुकाबलों में बैक टू बैक शतक जड़ डाले।
4. इतना ही नहीं, जिस वक्त पूरी दुनिया के बल्लेबाज लंबे-ऊंचे कद के कैरेबियाई गेंदबाजों के सामने पानी मांगने लग जाते थे। उस वक्त भी वेंगसरकर ने होल्डिंग,गार्नर, डेनियल , क्रॉफ्ट और रॉबर्ट जैसे गेंदबाजों को खूच छकाया। हालांकि 1989 में वेस्टइंडीज के खराब दौरे के बाद उनकी कप्तानी छिन गई।