बिहार क्रिकेट के उभरते सितारे सूरज कश्यप ने कर्नल सीके नायडू अंडर-23 ट्रॉफी में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से न सिर्फ टीम को खिताब दिलाया, बल्कि खुद को देश के सबसे भरोसेमंद युवा खिलाड़ियों में भी शामिल कर लिया। नागालैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में बिहार की ऐतिहासिक जीत के पीछे सूरज कश्यप की घातक गेंदबाजी और पूरे टूर्नामेंट में उनकी निरंतरता निर्णायक साबित हुई।
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सूरज कश्यप
- फोटो : अमर उजाला
सूरज कश्यप ने चटकाए 31 विकेट, बने प्लेयर ऑफ द सीरीज
बिहार के पटना में जन्मे 22 वर्षीय सूरज कश्यप, दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफब्रेक गेंदबाज हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट में गेंद से ऐसा असर छोड़ा कि विपक्षी बल्लेबाज लगातार दबाव में नजर आए। उन्होंने पांच मैचों की 10 पारियों में कुल 31 विकेट चटकाकर टूर्नामेंट में गेंदबाजी चार्ट में पहला स्थान हासिल किया। इस दौरान उनकी इकोनॉमी 2.34 की रही। खास बात यह रही कि सूरज ने तीन बार पांच या उससे अधिक विकेट लेकर अपनी मैच विनिंग क्षमता का परिचय दिया।
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सूरज कश्यप
- फोटो : अमर उजाला
फाइनल में भी दिखी धार
फाइनल मुकाबले में नागालैंड की टीम दोनों पारियों में बिहार के अनुशासित आक्रमण के सामने टिक नहीं सकी। सूरज कश्यप ने इस मुकाबले में अहम मौकों पर विकेट निकालकर टीम की पकड़ मजबूत की और खिताबी जीत की नींव रखी। उनके साथ वासुदेव प्रसाद सिंह ने भी शानदार सहयोग किया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन के कारण सूरज कश्यप को 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के पुरस्कार से नवाजा गया।
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सूरज कश्यप
- फोटो : अमर उजाला
हर प्रारूप में चमका 'सूरज'
- सूरज कश्यप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने हर प्रारूप में खुद को साबित किया है।
- कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में 31 विकेट और 165 रन
- रणजी ट्रॉफी (डेब्यू सीजन) में 12 विकेट और 280 रन
- विजय हजारे ट्रॉफी में 12 विकेट
- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी 12 विकेट
- यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि सूरज सिर्फ लाल गेंद ही नहीं, बल्कि सफेद गेंद क्रिकेट में भी बिहार के लिए एक मजबूत हथियार बन चुके हैं।