टेस्ट क्रिकेट में आईसीसी की ऑलराउंडर रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज रवींद्र जडेजा आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। मौजूदा वक्त में टीम के अहम सदस्य और स्टार खिलाड़ी रवींद्र जडेजा भले ही आज दुनिया के टॉप ऑलराउंडरों की लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी।
2 of 8
रवींद्र जडेजा
- फोटो : getty
सौराष्ट्र में एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में जडेजा के पिता प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड की नौकरी करते थे। पिता की चाहत थी कि बेटा भारतीय सेना में जाए और सैनिक बनकर देश सेवा करे, लेकिन बेटे को क्रिकेट का जूनून था और उन्होंने इसे ही अपनी मंजिल बनाया।
3 of 8
रवींद्र जडेजा
- फोटो : getty
हालांकि 1988 में जन्में जडेजा साल 2005 में मां की मौत के बाद टूट गए और क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया। इसके बाद उनके दोस्तों और परिवार के सदस्यों ने उनका हौंसला बढ़ाया और उन्हें सहारा दिया। जडेजा ने साल 2006-07 में दिलीप ट्रॉफी के साथ अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की। इसके बाद 2006 और 2008 में उन्हें अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से खेलने का मौका मिला।
4 of 8
रविंद्र जड़ेजा
- फोटो : getty
साल 2008 का वो वर्ल्ड कप जडेजा के करियर का टर्निंग पॉइंट बना जब उन्होंने विराट की अगुवाई में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया और उप-कप्तान के रूप में टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
5 of 8
रविंद्र जडेजा
- फोटो : ESPN
हालांकि उनका करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगे रहे। एक वक्त 2009 टी-20 विश्व के एक मुकाबले में जडेजा की धीमी पारी की वजह से टीम को हार का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से उनकी काफी आलोचना हुई। यहां तक मजाक के तौर पर उन्हें 'सर जडेजा' भी कहा जाने लगा।