भारत-बांग्लादेश के बीच अगले महीने होने वाल सीरीज पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। खिलाड़ियों ने कहा है कि जब तक बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों की मांगों को नहीं मानता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इससे बांग्लादेश के भारत दौरे पर सवाल खड़ा हो गया है, हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि टीम का भारत दौरा खतरे में है। 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार शाकिब अल हसन, तमीम इकबाल और मुश्फीकुर रहीम सोमवार सुबह 11 बजे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) मुख्यालय पर पहुंचे जहां उन्होंने 11 सूत्री अपनी मांगें बोर्ड के सामने रखीं और हड़ताल का ऐलान किया।
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इन मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल पर गए बांग्लादेशी क्रिकेटर्स, मुश्किल में भारत-बांग्लादेश सीरीज
Wed, 23 Oct 2019 09:13 AM IST
Rohit Ojha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Wed, 23 Oct 2019 09:13 AM IST
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बांग्लादेश क्रिकेट
- फोटो : social media
शकिब अल हसन
- फोटो : सोशल मीडिया
मीडिया रिपोटर्स के अनुसार खिलाड़ियों को बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) के सातवें सीजन में वेतन को लेकर समस्या आ रही है। बांग्लादेश को भारत दौरे पर तीन मैचों की टी-20 सीरीज और इसके बाद दो टेस्ट मैचों की सीरीज भी खेलनी है। दोनों देशों के बीच पहला टी-20 मैच तीन नवंबर को खेला जाना है, लेकिन बांग्लादेश के सीनियर खिलाड़ियों ने अपनी सभी मांग नहीं पूरी होने तक नेशनल क्रिकेट का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। आइए जानते हैं कि क्या हैं उनकी मांगे।
बांग्लादेश क्रिकेट टीम
- फोटो : पीटीआई
- बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के कामकाज से असंतुष्ट हैं। उन्हें लगता है कि इसने उनके लाभ के लिए कुछ नहीं किया है। इसलिए वे चाहते हैं कि क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव पद छोड़ दें और उनकी जगह नए अध्यक्ष और सचिव को खिलाड़ियों द्वारा मतदान के माध्यम से चुना जाए।
- खिलाड़ियों को अपनी टीमों को चुनने और ढाका प्रीमियर लीग टीमों के साथ वेतन को लेकर बातचीत करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
- बांग्लादेश प्रीमियर लीग की टीमें अब क्रिकेट बोर्ड द्वारा ही संचालित की जाती हैं। खिलाड़ियों की यह मांग है कि इसे पहले की तरह फ्रेंचाइज़ी-आधारित मॉडल पर आधारित कर देना चाहिए। साथ ही स्थानीय खिलाड़ियों को अपना आधार मूल्य निर्धारित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
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बांग्लादेश क्रिकेट टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
- बांग्लादेश के खिलाड़ियो की मांग है कि प्रथम श्रेणी के क्रिकेट में पारिश्रमिक एक लाख टका प्रति मैच (लगभग 83,700 रुपये) तक बढ़ाया जाए, जो वर्तमान स्तर से लगभग तीन गुना वृद्धि होगी। साथ ही खिलाड़ियों के भत्ते और अन्य सुविधाओं में भी सुधार की मांग की गई है।
- ग्राउंड्समैन, लोकल कोच, अंपायर, फिजियो और ट्रेनर की सैलरी बढ़ाई जानी चाहिए।
- घरेलू सीजन के लिए एक उचित कैलेंडर को पहले से अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
- ढाका प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों की बकाया राशि की भुगतान को जल्द मंजूरी देनी चाहिए।