नागपुर में टी-20 वर्ल्ड कप का पहला मैच भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया जिसमें फिरकी गेंदबाजों ने क्या कहर ढाया। उनके कहर के बीच तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के जलवे पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। मैच में कम से कम 4 मौके ऐसे आए जो उनके लिए बेहद खास रहा।
नागपुर में फिरकी गेंदबाजों के जलवे के बीच नेहरा की हुई 'बल्ले-बल्ले'
नागपुर में फिरकी गेंदबाजों का जोरदार जलवा दिखा और मैच में गिरे 17 में से 12 विकेट स्पिनर्स के खाते में गए। 12 में से 9 विकेट किवी टीम के फिरकी गेंदबाजों ने लिए। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मैच में भारत के 9 विकेट फिरकी गेंदबाजों ने झटके।
नागपुर में फिरकी गेंदबाजों के जलवे के बीच नेहरा की हुई 'बल्ले-बल्ले'
टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा तीसरी बार और टीम इंडिया के साथ पहली बार हुआ है जब 10 में से 9 विकेट स्पिनर्स ही झटक ले गए। इससे पहले 2 बार जिम्बॉब्वे ने कनाडा के खिलाफ तो श्रीलंका ने जिम्बॉब्वे के खिलाफ एक मैच में 9 विकेट फिरकी गेंदबाजों ने लिए। भारत ने इस मैच से पहले किसी भी मैच में 5 से ज्यादा विकेट स्पिनर्स के हाथों नहीं गंवाए थे।
नागपुर में फिरकी गेंदबाजों के जलवे के बीच नेहरा की हुई 'बल्ले-बल्ले'
स्पिनर्स के जलवे के बीच टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा के लिए यह मैच बेहद शानदार रहा। पहला यह कि वह 2010 के बाद टी-20 वर्ल्ड कप में खेलने उतरे। फिर नेहरा ने इस मैच में भी पावरप्ले में फिर से विकेट झटक लिया। उन्होंने खेले अपने 8 मैचों में पावरप्ले में कम से कम एक विकेट झटकने का कारनामा जारी रखा है।
नागपुर में फिरकी गेंदबाजों के जलवे के बीच नेहरा की हुई 'बल्ले-बल्ले'
आशीष नेहरा के दोहरे कारनामे के बाद दो खास बात और। उन्होंने क्षेत्ररक्षण के दौरान शानदार थ्रो किया और ग्रैंड इलियट को रन आउट कराया। इसके बाद लंबे इंतजार के बाद उन्हें टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजी करने का चांस मिला। वह 2010 के बाद वर्ल्ड कप में पहली बार बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन उनके साथ वही हुआ जो उस समय हुआ था यानी कि इस बार भी वह खाता नहीं खोल सके। फिलहाल वर्ल्ड कप में 6 मैच खेल चुके नेहरा को अपने पहले रन का इंतजार है।