देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए दुनिया के पसंदीदा स्थानों में से एक है राजस्थान। नववर्ष सेलिब्रेशन के लिए हाल ही में राजस्थान के अलग-अलग शहरों में लाखों की संख्या में पर्यटकों का जमावड़ा लगा था। लेकिन अब एक ई-मेल राजस्थान सरकार की नींद उड़ाने वाला साबित हो रहा है। दरअसल जयपुर में होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सम्मलित होने से विदेशी फिल्म निर्माता डर गए। अपने इस डर के कारण और नहीं आने की सूचना वे फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों को ई-मेल से दे रहे है। जिसने आयोजको की परेशानी बढ़ा दी है।
यह है कारण
जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के आयोजकों को यूएस की एक फिल्म मेकर एंजिला रोबिन्सन का ई-मेल मिला है। जिसमें उन्होंने फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होने की जानकारी देते हुए लिखा है कि जयपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। यहां पर्यटकों को सड़क चलते सांड मार देते है। इसलिए वे नहीं आ रही है। दरअसल रोबिनसन की एक डॉक्यूमेंट्री इस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जानी है। एंजिला हॉलीवुड एक्ट्रेस के साथ राइटर भी है।
आज से शुरु हो रहा है फेस्टिवल
जयपुर में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ आज से हो रहा है। पांच दिवसीय इस फेस्टिवल में 136 फिल्मों को दिखाया जाएगा। जानकारी के इस अनुसार इस फेस्टिवल के लिए 125 से ज्यादा विदेशी निर्माताओं ने दो हजार से ज्यादा फिल्में भेजी थी। लेकिन उनमें से 136 फिल्मों का चयन किया गया है। फेस्टिवल के आयोजकों का कहना है कि विदेशी निर्माता इस फेस्टिवल में आने से कतरा रहे है जो कि चिंता का कारण है।
हॉलीवुड ग्राफिक डिजाइनर की मौत
पर्यटकों के पसंदीदा शहर रहे जयपुर में अब विदेशी पर्यटक आने से जो कतरा रहे है उसकी वजह सरकार की लापरवाही है। दरअसल बीते वर्ष 19 नवंबर को हॉलीवुड फिल्मों के ग्राफिक डिजाइनर रहे जुआन पेब्ले की जयपुर में मौत हो गई थी। जुआन अपनी दोस्त के साथ जयपुर घूमने आए थे लेकिन उन्हें एक सांड ने घायल कर दिया था। इसके बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया था।
सरकार को कोई फर्क नहीं
बीते कुछ माह में आवारा जानवरों के हमलों में दस से ज्यादा देशी-विदेशी पर्यटक जयपुर व जैसलमेर में घायल हो चुके है। लेकिल सरकार के किसी भी विभाग को इसकी कोई चिंता नहीं है। जुआन की मौत के बाद अर्जेंटीना के दूतावास के अधिकारियों ने जयपुर नगर निगम के अधिकारियों के सामने नाराजगी भी प्रकट की थी। लेकिन इसका कोई असर निगम अधिकारियों पर नहीं दिखाई दिया।