छत्तीसगढ़ में गुरुवार से करीब 3000 जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। रायपुर से बस्तर तक जूनियर डॉक्टर हाथों में पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके चलते ओपीडी के साथ ही इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। सबसे बुरे हालात प्रदेश के बड़े अस्पतालों में हैं। बस्तर के सबसे बड़े अस्पताल डिमरापाल मेडिकल कॉलेज की स्थिति बिगड़ गई है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने डॉक्टरों की हड़ताल को गलत बताया है। उनका कहना है कि डॉक्टरों को वेतन के साथ इंसेंटिव भी दे रहे हैं।
Chhattisgarh: 3000 जूनियर डॉक्टर आज से हड़ताल पर, ओपीडी-इमरजेंसी सेवाएं बाधित; स्वास्थ्य मंत्री ने बताया गलत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Thu, 19 Jan 2023 03:03 PM IST
सार
डॉक्टर्स का कहना है कि, पिछले चार सालों से जूनियर रेसीडेंट डॉक्टर्स के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है। जबकि प्रदेश के हर श्रेणी के कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की जा चुकी है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री और सचिव से भी मुलाकात की उनसे चर्चा के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन