कारगिल युद्ध की नायिका कैप्टन यशिका त्यागी के एक जोशीले भाषण से 21 साल की महिमा इतनी प्रभावित हुई कि उन्होंने सेना में जाने की बात मन में ठान ली। कोई आर्मी बैकग्राउंड न होने के बावजूद उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला तकनीकी अधिकारी की सिविल इंजीनियरिंग कैटेगरी के तहत आयोजित परीक्षा दी और पहला स्थान हासिल किया। अब चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा महिमा सेना में बतौर लेफ्टिनेंट भर्ती होंगी।
देश में टॉप कर बेटी ने रचा इतिहास, लेफ्टिनेंट बन करेंगी देश सेवा, प्रेरणास्रोत को आप भी करेंगे सलाम
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महिला बताती हैं कि सिविल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष में उन्हें कारगिल युद्ध के दौरान बहादुरी दिखाने वाली वार वैटर्न कैप्टन यशिका त्यागी को सुनने का मौका मिला। वे अकेली ही पूरे ऑडिटोरियम को बिना माइक के संबोधित कर रही थी। उन्हें देखकर और उनके बारे में सुनकर महिमा के रोंगटे खड़े हो गए थे। यही वो लम्हा था, जब महिमा ने ठाना कि उन्हें भी आर्मी जाना है और जिंदगी के हर पल में साहसी बनना है। इसके बाद उन्होंने सेना में जाने के लिए तैयारियां शुरू की।
महिमा ने परीक्षा के लिए खुद ही दोस्तों और परिवार की मदद से तैयारी की। पहले उन्होंने कोचिंग लेने के बारे में सोचा, लेकिन कोरोना के कारण हालात बदल गए और उन्होंने सेल्फ स्टडी की। ट्रेनिंग के बाद उन्हें लेफ्टिनेंट का रैंक मिलेगा। महिमा ने 2016 में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। अपने अंतिम वर्ष के दौरान नवंबर 2019 में उन्होंने आर्मी भर्ती के लिए फॉर्म भरा। अप्रैल में एसएसबी (सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) की परीक्षा होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण स्थगित होने के बाद सितंबर में परीक्षा आयोजित हुई। पंचकूला के अमरावती एनक्लेव की रहने वाली महिमा डीसी मॉडल स्कूल से 10वीं में 10 सीजीपीए और 12वीं में डीसी मोंटेसनरी स्कूल(मनीमाजरा) से 95 फीसदी अंक हासिल किए हैं। महिमा ने पढ़ाई के अलावा चित्रकारी में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई इनाम जीते हैं।
महिमा ने बताया कि आर्मी में जाने के लिए उन्हें फिटनेस ट्रेनिंग की जरूरत थी। यहां भी लॉकडाउन आड़े आया क्योंकि कोरोना के कारण जिम और ट्रेनिंग सेंटर बंद थे। इसके बाद उनके पापा और भाई घर में ही डम्बल और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के उपकरण ले आए। उनका वजन भी करीब 62 किलो था। मेडिकल टेस्ट के लिए उन्होंने दौड़ और घर पर एक्सरसाइज कर वजन 57 किलो तक किया। उनकी मम्मी उनके स्वास्थ्य और वजन के अनुसार उनकी खुराक का ध्यान रखती थी। महिमा के पिता एनके सिंगला पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित एचवीपीएन में चीफ ड्राफ्टमैन के पद पर कार्यरत हैं। वहीं मां प्रतिभा सिंगला हरियाणा के टूरिज्म विभाग में आर्किटेक्ट हैं। बड़ा भाई मोहिता सिंगला आईटी फील्ड में है।
दोस्त को देती थी मॉक इंटरव्यू
महिमा ने बताया कॉलेज में उनके दोस्त महावीर प्रजापति के पिता एयर फोर्स में थे, वह महावीर प्रजापति को मॉक इंटरव्यू देती थी। इससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में काफी मदद मिली। उनके दोस्तों चेतना, प्रभनूर, दामिनी, ललित, सौरभ, आर्यन, किंजल और आयुष ने भी मॉक इंटरव्यू की तैयारी में उनकी मदद की। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक धीरज सांघी ने महिमा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।