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#GSTforcommanman: 24 घंटे में रोजाना जीएसटी से इतना होगा नफा-नुकसान
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Mon, 03 Jul 2017 02:35 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
पूरे देश में जीएसटी लागू हो चुका है। एक आम आदमी की जिंदगी पर इसके लागू होने का प्रभाव दिखना शुरू हो गया है। अभी लोग जीएसटी से होने वाले फायदे और नुकसान की चर्चा कर रहे हैं। सबुह उठकर ब्रश करने से लेकर के रात को खाना खाने के बाद सोने तक जीएसटी का लोग आकलन कर रहे हैं कि उनके खर्च में कितनी बढ़ोतरी या फिर कमी आ गई है। हम आपको बताने जा रहे हैं कि जीएसटी से कैसे और कितना आपकी दिनचर्या पर असर पड़ा है।
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सुबह 6 बजे
आप सुबह उठते हैं और ब्रश करते हैं। टूथब्रश और टूथपेस्ट पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया है। पहले इस पर 20 से 24 फीसदी टैक्स लगता था। इस हिसाब से दांत साफ करना सस्ता हो जाएगा। इसी प्रकार नहाने और कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले साबुन की कीमतों में कंपनियों ने जीएसटी के लागू होने के बाद 3 फीसदी कटौती कर दी है। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने कई ब्रांड्स जैसे कि रिन, डव, सर्फ एक्सेल और लिरिल के दामों में कमी कर दी है।
आप सुबह उठते हैं और ब्रश करते हैं। टूथब्रश और टूथपेस्ट पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया है। पहले इस पर 20 से 24 फीसदी टैक्स लगता था। इस हिसाब से दांत साफ करना सस्ता हो जाएगा। इसी प्रकार नहाने और कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल होने वाले साबुन की कीमतों में कंपनियों ने जीएसटी के लागू होने के बाद 3 फीसदी कटौती कर दी है। हिंदुस्तान यूनिलीवर ने अपने कई ब्रांड्स जैसे कि रिन, डव, सर्फ एक्सेल और लिरिल के दामों में कमी कर दी है।
सुबह 9 बजे
ऑफिस जाने के लिए तैयार होने के बाद नाश्ता करने के लिए आप डाइनिंग टेबल पर बैठते हैं, तो फिर चाय और दूध पीना सस्ता हो गया है, वहीं ब्रेड-बटर खाना महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि चाय-कॉफी पर ५ फीसदी जीएसटी लगाया गया है और बटर पर 18 फीसदी टैक्स लगाया है, जिससे 100 ग्राम के 40 रुपये वाले मक्खन की कीमत बढ़कर 48 रुपये के करीब हो गई है।
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सुबह 9.30 बजे
नाश्ता करके आप ऑफिस के लिए निकलते हैं। अगर आप अपनी गाड़ी या बाइक से ऑफिस जाते हैं, तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि पेट्रोल का प्राइस अभी जीएसटी के दायरे से बाहर है और फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हो रही हैं। अगर आप बस या कैब से ऑफिस जाते हैं तो फिर इससे सफर करने में थोड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि जीएसटी में कैब पर लगने वाले टैक्स पर 1 फीसदी की कमी कर दी गई है। पहले यह 6 फीसदी लगता था, अब 5 फीसदी लग रहा है। वहीं कंपनियों ने जीएसटी के बाद बाइक और कार के दाम में कमी करने की घोषणा कर दी है। इससे अब बाइक और कार के प्राइस में दो हजार से लेकर के 2 लाख तक की कमी हो गई है।
नाश्ता करके आप ऑफिस के लिए निकलते हैं। अगर आप अपनी गाड़ी या बाइक से ऑफिस जाते हैं, तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि पेट्रोल का प्राइस अभी जीएसटी के दायरे से बाहर है और फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम हो रही हैं। अगर आप बस या कैब से ऑफिस जाते हैं तो फिर इससे सफर करने में थोड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि जीएसटी में कैब पर लगने वाले टैक्स पर 1 फीसदी की कमी कर दी गई है। पहले यह 6 फीसदी लगता था, अब 5 फीसदी लग रहा है। वहीं कंपनियों ने जीएसटी के बाद बाइक और कार के दाम में कमी करने की घोषणा कर दी है। इससे अब बाइक और कार के प्राइस में दो हजार से लेकर के 2 लाख तक की कमी हो गई है।
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10 बजे से लेकर के शाम 7 बजे तक
इसके बाद अपने ऑफिस पहुंचते हैं और वहां पर 8 से 10 घंटे बिताते हैं। इस दौरान एटीएम से पैसे निकालना, बैंक से अगर आप ट्रांजेक्शन करते हैं, तो इस पर सर्विस टैक्स बढ़ गया है। पहले 15 फीसदी टैक्स लगता था, लेकिन अब इस पर 18 फीसदी टैक्स लगने लगा है। इतना ही नहीं ऑफिस के दौरान अगर आप टीम लंच के लिए किसी एसी रेस्टोरेंट में जाते हैं तो वहां पर बिल सस्ता आएगा बशर्ते आप सर्विस चार्ज नहीं देते हैं। पहले खाने के बिल पर तीन तरह के टैक्स लगते थे जिनमें सर्विस चार्ज, सर्विस टैक्स और वैट शामिल होता था। वहां अब केवल 18 फीसदी जीएसटी लगेगा।
इसके बाद अपने ऑफिस पहुंचते हैं और वहां पर 8 से 10 घंटे बिताते हैं। इस दौरान एटीएम से पैसे निकालना, बैंक से अगर आप ट्रांजेक्शन करते हैं, तो इस पर सर्विस टैक्स बढ़ गया है। पहले 15 फीसदी टैक्स लगता था, लेकिन अब इस पर 18 फीसदी टैक्स लगने लगा है। इतना ही नहीं ऑफिस के दौरान अगर आप टीम लंच के लिए किसी एसी रेस्टोरेंट में जाते हैं तो वहां पर बिल सस्ता आएगा बशर्ते आप सर्विस चार्ज नहीं देते हैं। पहले खाने के बिल पर तीन तरह के टैक्स लगते थे जिनमें सर्विस चार्ज, सर्विस टैक्स और वैट शामिल होता था। वहां अब केवल 18 फीसदी जीएसटी लगेगा।