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अब 45 हजार तक मिलेगी पेंशन, जानिए कितना होगा फायदा या नुकसान

Mon, 08 Apr 2019 06:47 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 08 Apr 2019 06:47 PM IST
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Supreme Court orders to give pension upto 45 thousand to private employees

सर्वोच्च न्यायालय के निजी कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन में बदलाव करने से लोगों की पेंशन में काफी इजाफा हो जाएगा। हालांकि इस फैसले से जहां एक तरफ पेंशन की राशि बढ़ जाएगी, वहीं दूसरी तरफ आपकी टेक होम सैलरी और पीएफ फंड पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।

Supreme Court orders to give pension upto 45 thousand to private employees

आदेश से पहले यह था नियम

वर्तमान में कर्मचारियों को बेसिक वेतन के आधार पर और कर्मचारी पेंशन योजना के तहत अधिकतम 7500 रुपये प्रति महीना पेंशन मिलती है। अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कर्मचारियों को उनके आखिरी वेतन के आधार पर पेंशन मिलेगी।

मौजूदा सिस्टम के मुताबिक वेतन का 8.33 भाग पेंशन के रूप में दिया जाता था। लेकिन अब आदेश के बाद पेंशन की गणना पूरे वेतन यानी, बेसिक वेतन, डीए और रिटेंशन बोनस के आधार पर की जाएगी।

Supreme Court orders to give pension upto 45 thousand to private employees
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पेंशन में हुई इतनी ज्यादा वृद्धि

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की सैलरी 60 हजार रुपये प्रति महीना है और उसने 35 वर्ष काम किया है तो अब उसे रिटायरमेंट के बाद हर माह करीब 30 हजार रुपये पेंशन के रूप में मिलेंगे, जबकि पुराने सिस्टम के तहत यह पेंशन सिर्फ 7500 रुपये होती थी। इसके साथ ही अगर आपका वेतन 30 हजार रुपये है और आपने 35 वर्षों तक काम किया है तो आपको 15 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी।

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Supreme Court orders to give pension upto 45 thousand to private employees

एक अप्रैल को लिया गया फैसला

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक अप्रैल 2019 को ईपीएफओ की एसएलपी पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुरेंद्र मोहन और न्यायमूर्ति एएम बाबू कती खंडपीठ ने ये फैसला सुनाया था। खंडपीठ ने कहा था कि 15 हज़ार मासिक का मतलब होता है 500 रुपये प्रतिदिन। यह सामान्य ज्ञान है कि एक दिहाड़ी मजदूर को भी इससे ज्यादा धनराशि का भुगतान होता है। इसलिए पेंशन के लिए अधिकतम वेतन 15 हजार रुपये तक सीमित करना एक सभ्य पेंशन से अधिकांश कर्मचारियों को वृद्धावस्था में वंचित करेगा।

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Supreme Court orders to give pension upto 45 thousand to private employees
- फोटो : social media

सर्वोच्च न्यायालय ने किया ये बदलाव

बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कर्मचारियों की पेंशन के लिए उनकी अधिकतम सैलरी 15 हजार रुपये तय की थी। इसका मतलब, आपकी सैलरी भले ही 15 हजार रुपये प्रति महीने से अधिक हो, मगर आपकी पेंशन की गणना अधिकतम 15 हजार रुपये सैलरी पर ही होगी। सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ की ओर से निर्धारित इस सैलरी सीमा को तोड़ दिया है। अब कर्मचारियों के पेंशन की गणना आकिरी सैलरी यानी उच्चतम सैलरी के आधार पर होगी। कोर्ट के इस फैसले से कर्मचारियों को कई गुणा ज्यादा पेंशन मिलेगी।

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