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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   A record 7.8 crore+ Income Tax Returns (ITRs) for Assessment Year 2026-27 were filed by August 31, 2026

Income Tax Return: आयकर रिटर्न दाखिल करने में नया कीर्तिमान, विभाग ने बताया- 7.8 करोड़ से अधिक आईटीआर जमा

Tue, 01 Sep 2026 10:43 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 01 Sep 2026 10:43 AM IST
सार

आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 31 अगस्त 2026 तक रिकॉर्ड 7.8 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए। आयकर विभाग ने इस उपलब्धि की जानकारी दी।

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A record 7.8 crore+ Income Tax Returns (ITRs) for Assessment Year 2026-27 were filed by August 31, 2026
आईटीआर - फोटो : Agency

विस्तार

आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने में एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित हुआ है। 31 अगस्त 2026 तक कुल 7.8 करोड़ से अधिक आईटीआर सफलतापूर्वक जमा किए गए हैं। आयकर विभाग ने मंगलवार को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी दी। यह आंकड़ा देश में कर अनुपालन की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

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विभाग ने अपनी आधिकारिक एक्स पोस्ट के माध्यम से इस रिकॉर्ड की घोषणा की। यह संख्या पिछले आकलन वर्ष 2025-26 की तुलना में काफी अधिक है। पिछले साल 7.3 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न 16 सितंबर 2025 तक दाखिल हुए थे। वह गैर-लेखापरीक्षित मामलों के लिए विस्तारित अंतिम तिथि थी। इस वर्ष की निर्धारित अंतिम तिथि तक ही यह रिकॉर्ड संख्या हासिल कर ली गई है। इस उपलब्धि से कर संग्रह में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। यह करदाताओं की सक्रिय भागीदारी और जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है।

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क्या है इस रिकॉर्ड संख्या का महत्व?

इस विशाल संख्या में 5.9 करोड़ से अधिक आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भी शामिल हैं। इन प्रपत्रों को 31 जुलाई की निर्धारित अंतिम तिथि तक दाखिल किया गया था। 31 अगस्त 2026, उन करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। ये वे करदाता थे जिनकी आय कारोबार या पेशेवर स्रोतों से थी। साथ ही, वे किसी भी लेखापरीक्षण के अधीन नहीं थे। यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि बड़ी संख्या में करदाताओं ने समय पर अपनी जिम्मेदारियां पूरी की हैं।

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बिना ऑडिट की जरूरत वाले करदाता कौन से प्रपत्र भरते हैं?

गैर-लेखापरीक्षित श्रेणी में आने वाले करदाता अपनी आय और स्रोत के अनुसार लागू आईटीआर प्रपत्र दाखिल कर सकते हैं। इस श्रेणी में आईटीआर-3,आईटीआर-4, आईटीआर-5 या आईटीआर-7 जैसे प्रपत्र शामिल हैं। आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) द्वारा भरा जाता है। इनकी आय एकल स्वामित्व वाले कारोबार या किसी पेशे से होती है। यह प्रपत्र ऐसे करदाताओं के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है।

विभिन्न आईटीआर प्रपत्रों की क्या भूमिका है?

आईटीआर-4 एक सरल प्रपत्र है। यह छोटे और मध्यम करदाताओं की जरूरतों को पूरा करता है। आईटीआर-5 फर्मों, सीमित देयता भागीदारी और सहकारी समितियों द्वारा दाखिल किया जाता है। कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत कंपनियों को आईटीआर-6 प्रपत्र भरना होता है। ट्रस्ट और धर्मार्थ संस्थान अपनी आय और व्यय की जानकारी के लिए आईटीआर-7 प्रपत्र का उपयोग करते हैं। प्रत्येक ITR प्रपत्र करदाताओं के विभिन्न वर्गों के लिए विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करता है।

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