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पीपीएफ-सुकन्या जैसी छोटी बचत योजना पर नहीं घटी ब्याज दर, जानें कितना बढ़ेगा आपका रुपया

Fri, 03 Jul 2020 05:31 AM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Fri, 03 Jul 2020 05:31 AM IST
सार

  • राहत...सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए नहीं बदला ब्याज
  • 1.40% तक कटौती की थी अप्रैल-जून तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं में

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Small savings schemes like PPF and Sukanya did not reduce interest rate, know how much your money will increase
रुपये - फोटो : pixabay

कोविड-19 महामारी की मार झेल रहे छोटे निवेशकों को सरकार ने बचत के मोर्चे पर राहत दी है। पीपीएफ, सुकन्या और डाकघर योजनाओं में निवेश पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। बाजार विश्लेषकों ने आशंका जताई थी कि बांड से प्रतिफल में गिरावट की वजह से लघु बचत योजनाओं के ब्याज में एक बार फिर कटौती की जा सकती है।

Small savings schemes like PPF and Sukanya did not reduce interest rate, know how much your money will increase
पैसे - फोटो : pixabay

वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चालू तिमाही में इन बचत योजनाओं के ब्याज में कटौती नहीं की गई है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की ब्याज दरों को दूसरी तिमाही में भी बरकरार रखा गया है। 30 सितंबर, 2020 तक योजनाओं पर समान ब्याज मिलता रहेगा। 

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Small savings schemes like PPF and Sukanya did not reduce interest rate, know how much your money will increase
रुपये - फोटो : pixabay

मंत्रालय हर तिमाही की शुरुआत में लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय करता है। इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही के लिए ब्याज दरों में 0.70 फीसदी से 1.40 फीसदी तक बड़ी कटौती की थी। अगर इस बार भी पीपीएफ की दरों में कटौती की जाती, तो इसका ब्याज 46 साल के निचले स्तर पर पहुंच जाता।

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रुपये - फोटो : pixabay

2016 से शुरू हुई तिमाही व्यवस्था
लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव की तिमाही प्रक्रिया 2016 से शुरू की गई है। इससे पहले इन योजनाओं पर ब्याज का निर्धारण सालाना आधार पर होता था। दरअसल, तिमाही आधार पर दरें तय करने का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ कमेटी ने प्रस्तावित किया था।

समिति ने सुझाव दिया था कि इन योजनाओं का ब्याज समान परिपक्वता अवधि वाले सरकारी बांड के प्रतिफल से कम से 0.25-1 फीसदी ज्यादा होना चाहिए। हालांकि, सरकार ने इसकी ब्याज दरें बांड प्रतिफल से करीब दो फीसदी तक ज्यादा रखी हैं।

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रुपये - फोटो : pixabay
किस योजना पर कितनी रहेगी ब्याज दर
योजना ब्याज दर
डाकघर बचत जमा 4.00%
रिकरिंग जमा खाता 5.80%
सावधि जमा खाता 5.50%
5 साल सावधि जमा 6.70%
मासिक आय योजना 6.60%
वरिष्ठ नागरिक बचत 7.40%
पीपीएफ 7.10%
सुकन्या समृद्धि 7.60%
एनएससी 6.80%
किसान विकास पत्र 6.90%

 


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