फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शेयर बाजार में मचा हाहाकार, जानें क्या हैं कारण

Tue, 15 Nov 2016 03:42 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 15 Nov 2016 03:42 PM IST
विज्ञापन
Do you know why sensex falling continously
Share Market

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है। की शुरूआत भारी गिरावट के साथ हुई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 450 अंक तक टूट गया, वहीं निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। गौरतलब है कि तीन दिन बंद होने के बाद मंगलवार को बाजार ने इस हफ्ते के कारोबार की शुरूआत की। वहीं दिन के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज सूचकांक 514.19 अंकों की गिरावट के साथ 26,304.63 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी में गिरावट रही और ये 187.85 अंक गिरकर 8,108.45 स्तर पर पहुंच गया। गौरतलब है कि  शुक्रवार को बॉम्बे शेयर बाजार का सेंसेक्स 699 अंक टूटकर बंद हुआ था। सरकारी बैंकों को छोड़ सभी इंडेक्स आज लाकल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और रियल स्‍टेट में देखने को मिल रही है। बाजार जानकार गिरावट का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कमजोर संकेत और घेरलू स्तर पर नोटबंदी को मान रहे हैं। बाजार में आई गिरावट के बड़े कारण

नोटबंदी से नकदी संकट

Do you know why sensex falling continously
Investor

केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोटों पर रोक लगाने के उद्देश्य नोटबंदी के कारण देश की इकॉनोमी से बड़े नोटों का टोटा हो गया है। जिससे रियल्टी, एनबीएफसी और कंस्जम्शन पर आधारित सेक्टर्स में काम-काज प्रभावित हुआ है और इन सेक्टर्स के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।

नोटबंदी से फुर हुए विदेशी निवेशक

Do you know why sensex falling continously
शेयर बाजार - फोटो : अमर उजाला

सरकार के नोटबंदी के फैसले से भारतीय शेयर बाजार एफआईआई यानि विदेशी संस्‍थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। जिससे शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है। सरकार के फैसले के अगले दिन यानि नौ नवंबर को विदेशी संस्‍थागत निवेशकों ने 2095 करोड़ की,10 नवंबर को 733.49 करोड़ की, 11 नवंबर को 1493.27 करोड़ की बिकवाली की है। अगर इस प्रकार बिकवाली जारी रही तो गिरावट का दौर जारी रह सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

डोनाल्ड ट्रंप की जीत का पड़ा असर

Do you know why sensex falling continously
Investors

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद अमेरिकी बॉण्ड की यील्ड में उछाल देखने को मिला, जिसकी वजह से अमेरिकी डॉलर में उछाल आया और दुनियाभर की करंसी टूट गई। डॉलर के मुकाबले आज रुपया 40 पैसे तक टूटकर 67.65 के स्तर तक आ गया। यह 30 जून 2016 के बाद से अब तक का सबसे निचला स्तर है। ऐसे में अगर आने वाले सत्रों में रुपए की कमजोरी बढ़ती है तो बाजार में गिरावट और गहारा सकती है।

विज्ञापन

ब्याज दर बढ़ा सकता है फेडरल रिजर्व

Do you know why sensex falling continously
Investor

डोनाल्ड ट्रंप की ज्यादातर नीतियों को एक्सपर्ट महंगाई बढ़ाने वाला बता रहे हैं। ऐसे में दिसंबर में फेडरल रिजर्व महंगाई को काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की शुरूआत कर सकता है। यह भारत समेत तमाम उभरते हुए बाजारों के लिए नकारात्मक संकेत है। बाजार में इस कारण भी मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed