Gold Silver Price: सोना-चांदी तीन महीने के उच्चतम स्तर पर, कमजोर डॉलर से सुरक्षित निवेश की बढ़ी होड़
21 अगस्त को दिल्ली में सोना और चांदी तीन महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। कमजोर अमेरिकी डॉलर, मजबूत वैश्विक रुझान, बॉन्ड यील्ड में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार (21 अगस्त) को सोने और चांदी की कीमतें तीन महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में इन कीमती धातुओं में तेजी दर्ज की गई। कमजोर डॉलर और मजबूत वैश्विक रुझानों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया।
99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव 1,200 रुपये बढ़कर 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसमें सभी कर शामिल हैं। पिछली क्लोजिंग प्राइस 1,62,300 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। यह कीमती धातु 19 मई को 1,63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी। चांदी ने भी तेजी का रुझान दिखाया। यह 5,000 रुपये उछलकर 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह 15 सप्ताह का उच्चतम स्तर है। गुरुवार को सफेद धातु 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। पिछले दो सत्रों में इसमें 15,000 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है। 4 मई को चांदी 2,49,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।
सोने-चांदी की कीमतों में उछाल क्यों आया?
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने बताया कि शुक्रवार के सत्र में सोने ने अपनी तेजी जारी रखी। यह लगातार तीसरी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। चांदी भी मजबूत बनी रही। इसे कमजोर अमेरिकी डॉलर और लंबी अवधि के ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से समर्थन मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना 81.58 डॉलर यानी दो फीसदी बढ़कर 4,600.91 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी में लगभग तीन फीसदी का उछाल आया और यह 69.87 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक- कमोडिटीज सौमिल गांधी ने कहा कि हाजिर सोना 18 मई, 2026 के बाद के उच्चतम स्तर 4,600 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। यह लगातार तीसरी साप्ताहिक बढ़त की राह पर है।
बाजार में क्या-क्या कारक काम कर रहे हैं?
मजबूत निवेश मांग और मुद्रा तथा बॉन्ड बाजारों में बढ़ी हुई अस्थिरता से कीमती धातुओं को लगातार समर्थन मिल रहा है। मीराए एसेट शेयरखान के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह ने बताया कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने बॉन्ड-खरीद कार्यक्रम का विस्तार किया है। इसने उधार लागत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लंबी अवधि के कर्ज की पुनर्खरीद को दोगुना कर दिया। इस कदम से अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट आई। इससे बुलियन को नई गति मिली। हालांकि, अमेरिकी यील्ड अब स्थिर हो गए हैं। निवेशकों ने ट्रेजरी के उपायों के स्थायित्व पर सवाल उठाए हैं। फिर भी सोने ने अपनी अधिकांश बढ़त बनाए रखी है।
भविष्य में क्या उम्मीदें हैं?
सिंह ने कहा कि विदेशी बाजारों में तेल कीमतों में मामूली गिरावट से भी बुलियन को समर्थन मिला। भू-राजनीतिक तनाव ने अनिश्चितता की एक और परत जोड़ दी है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर सबसे कठोर आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा करने वाला है। हालांकि, तेहरान ने इस कदम को विफल रणनीति की निरंतरता बताकर खारिज कर दिया है। उसने तर्क दिया कि वाशिंगटन खुद बढ़ते कर्ज और रिकॉर्ड ब्याज भुगतान से जूझ रहा है। बाजार प्रतिभागी अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण पर नए संकेतों के लिए प्रमुख मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा का इंतजार कर रहे हैं। इसमें अमेरिकी एसएंडपी पीएमआई शामिल हैं।