Whale Fish Vomit: करोड़ों में बिकती है व्हेल मछली की उल्टी! जानिए वैज्ञानिक क्यों कहते हैं तैरता हुआ सोना
जानवरों की तस्करी के बारे में आपने सुना होगा। जानवारों की हड्डियों से लेकर खाल तक को अवैध रूप से बेचा जाता है। बाजार में हाथी के दांत, कई जानवरों की खाल और गैंडे के सींग की कीमत अधिक है। इसके अलावा व्हेल मछली की उल्टी की भी तस्करी की जाती है।
क्या होती व्हेल मछली की उल्टी
व्हेल मछली की उल्टी को एम्बरग्रीस कहते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह व्हेल के शरीर से निकलने वाला मल यानी अपशिष्ट पदार्थ होता है। व्हेल की आंत से यह पदार्थ निकलता है। समुद्र में यह मछली कई चीजों को खा जाती है। जब वह इन चीजों को नहीं पचा पाती है, तो उगल देती है। एम्बरग्रीस स्लेटी या काले रंग का एक ठोस पदार्थ होता है। एक तरह से यह मोम से बना पत्थर की तरह ठोस पदार्थ होता है।
जानिए क्यों इतनी महंगी बिकती है उल्टी?
व्हेल मछली के आंत से निकलने वाले इस पदार्थ से गंध निकलती है। लेकिन खुशबूदार परफ्यूम बनाने वाली कंपनियां इसका इस्तेमाल करती हैं। इसकी वजह से परफ्यूम की खूशबू को काफी लंबे समय तक बरकरार रखा जाता है। परफ्यूम बनाने वाली कंपनियां इसे महंगे कीमत पर खरीदती हैं।
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दवा के तौर भी होता है इस्तेमाल
व्हेल मछली की उल्टी का दवाओं के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। यौन संबंधित समस्याओं के इलाज में भी एम्बरग्रीस का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी वजह से कीमत इतनी अधिक होती है। इसीलिए व्हेल मछली की उल्टी को वैज्ञानिक फ्लोटिंग गोल्ड कहते हैं।