शादी हर किसी की जिंदगी का सबसे खास लम्हा होता है। लेकिन अगर इसी शादी में कुछ ऐसा घट जाए जिसकी किसी को कोई उम्मीद ही न हो तो फिर समझो उस परिवार पर क्या कुछ गुजरती होगी। आज हम आपको उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में घटी ऐसी ही खौफनाक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानकर सबकी आंखों में आंसू आ गए हैं।
बता दें कि शाहजहांपुर के रेती मोहल्ले के नईबस्ती मोहल्ले के निवासी दिनेश कुमार के साथ एक ऐसी अनहोनी हो गई जिसे वह शायद जिंदगी भर न भुला सकेंगे। दिनेश कुमार का दीवान जोगराज मोहल्ले में सैलून है। उनकी पत्नी सुनीता की दो साल पहले मौत हो गई थी। जिसको बेटी शिवानी बर्दाश्त नहीं कर पाई थी और बीमार रहने लगी थी। शिवानी से बड़ा भाई राहुल और दो छोटे भाई शिवम और अंकुर हैं। पिता दिनेश ने शिवानी की शादी तय कर दी। यह शादी दिनेश ने अपनी बहन सुनीता के बेटे विनीत से तय की। विनीत फतेहगंज पूर्वी में परिवार के साथ रहता है।
बीते रविवार शिवानी से शादी करने के लिए रात करीब बारह बजे विनीत बारात लेकर दिनेश के घर पहुंचा। बाराततियों का भव्य स्वागत किया गया, द्वारचार हुआ। चूंकि काफी देर हो चुकी थी, इस कारण जल्दी से जयमाला की रस्म पूरी की गई। विवाह का पूरा इंतजाम मैरिज लॉन में किया गया था। यहां जयमाल के बाद शिवानी और विनीत ने ने शादी के पवित्र बंधन में बंधने के लिए सात फेरे लिए।
इसके बाद कुछ देर के लिए दूल्हा विनीत और दुल्हन शिवानी आराम करने के लिए अपने अपने कमरों में चले गए। सुबह हुई तो कलेवा की रस्म भी पूरी कर ली गई। बारात जा चुकी थी। मेहमान भी जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी शिवानी के सीने में तेज दर्द शुरू हो गया। उसने अपने परिवार के सदस्यों को तकलीफ बताई। पिता दिनेश ने डाक्टर बुलाया, पर काफी देर हो चुकी थी। शिवानी ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। डाक्टर ने जांच के बाद बताया कि शिवानी की मौत हो गई है।
शिवानी के पिता दिनेश ने कहा कि हमारे यहां शादी के बाद दुल्हन को विदा नहीं किया जाता है। उसे गौने में विदा किया जाता है। इसलिए कलेवा के बाद दूल्हा बिना दुल्हन के ही फतेहगंज बारातियों के साथ चला गया। दहेज में दिया जाने वाला सामान भी फतेहगंज विनीत के घर भेज दिया गया था।