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आखिर चुनाव हारने के बाद भी ढाई महीने तक पद पर क्यों बने रहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?

Mon, 09 Nov 2020 06:03 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Mon, 09 Nov 2020 06:03 PM IST
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US election result why does the US President hold office for two and a half months even after losing the election
US election trump & biden - फोटो : अमर उजाला

डोनाल्ड ट्रंप को हराकर जो बाइडन अमेरिका के नए राष्ट्रपति होने जा रहे हैं। चुनाव के नतीजे स्पष्ट हो जाने के बाद 20 जनवरी को बाइडन अपने राष्ट्रपति काल का शुभारंभ करेंगे। ऐसे में अभी आगामी ढाई महीने तक ट्रंप ही अमेरिका के राष्ट्रपति कहलाएंगे, भले ही वो चुनाव हार चुके हैं। बता दें कि चुनीव हारने के बाद नए राष्ट्रपति को सत्ता सौंपने का, जो समय मिलता है, उसे ट्रांजिशन समय कहा जाता है।

US election result why does the US President hold office for two and a half months even after losing the election
व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : सोशल मीडिया

क्या होती है ट्रांजिशन प्रक्रिया?
प्रेसिडेंशियल ट्रांज़िशन प्रोसेस के मुताबिक, अमेरिका में जाने वाला राष्ट्रपति अपनी तमाम शक्तियों के साथ ही सारे विभागों से संबंधित नीतिगत दस्तावेज आने वाले राष्ट्रपति को हस्तांतरित करता है। यह प्रक्रिया चुनाव के नतीजों के दिन से शपथ ग्रहण के दिन के बीच होती है। हालांकि, सत्ता सौंपने की शुरूआत चुनाव से पहले भी कभी शुरू की जा सकती है।

US election result why does the US President hold office for two and a half months even after losing the election
अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव - फोटो : अमर उजाला

पहले लंबा होता था ट्रांजिशन समय
अमेरिका में जाने वाले राष्ट्रपति को 'लेम डक' प्रेसिडेंट भी कहते हैं। यह एक ऐसा राष्ट्रपति होता है, जो पद पर तो है, लेकिन उसके पास बने रहने की ताकत नहीं है। साल 1933 में अमेरिकी संविधान में  हुए 20वें संशोधन में ट्रांजिशन की अवधि छोटी कर दी गई। इससे पहले यह अवधि 4 मार्च तक के लिए नियत थी, जिसे 20 जनवरी किया गया है।

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US election result why does the US President hold office for two and a half months even after losing the election
व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : Pixabay

चुनाव के पहले ही हो जाती है प्लानिंग
फिलहाल अमेरिका में जिस तरह की यह प्रक्रिया होती है, उसकी बुनियाद प्रेसिडेंशियल ट्रांजिशन एक्ट 1963 ने रखी थी। इस एक्ट के तहत शांतिपूर्ण ढंग से शक्ति सौंपने की व्यवस्था बनाई थी। प्रैक्टिस के हिसाब से चुनाव से पहले ही इस प्रक्रिया के बारे में योजना बनाई जाती है। क्योंकि प्रशासनिक तौर पर बड़े बदलाव होते हैं, इसलिए पहले से तैयारी करने की प्रैक्टिस रही है।

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US election result why does the US President hold office for two and a half months even after losing the election
व्हाइट हाउस, अमेरिका - फोटो : सोशल मीडिया

ट्रंप कैसे सौंपेंगे बाइडन को सत्ता?
इस साल मई महीने में, जब जो बाइडन को डेमोक्रेटिक पार्टी ने नामांकन तय किया था, तब ही ट्रांजिशन टीम के लिए सरकारी संस्थाओं की बैठक शुरू हो गई थी। सत्ता सौंपने के लिए चुनाव से पहले और चुनाव के बाद कुछ अहम स्टेज होती हैं। ट्रंप प्रशासन और बाइडन के बीच सत्ता सौंपने के लिए टाइमलाइन...

  • 8 अप्रैल 2020: बर्नी सैंडर्स के जाने के बाद माना गया कि बाइडन ही नामांकित होंगे।
  • 20 जून2020: शुरूआती ट्रांजिशन टीम की घोषणा हुई।
  • अगस्त 2020: डेमोक्रेटिक कन्वेंशन में बाइडन और कैलिफोर्निया सीनेटर कमला हैरिस नामांकित किए गए थे।
  • 5 सितंबर 2020: एक पूर्ण ट्रांजिशन टीम को सार्वजनिक तौर पर सामने लाया गया।
  • 1 नवंबर 2020: ट्रांजिशन के लिए डेडलाइन तय हुई।
  • 3 नवंबर 2020: चुनाव यानी मतदान का दिन।
  • 4 नवंबर 2020: ट्रांजिशन वेबसाइट लाइव हुई।
  • 7 नवंबर 2020: चुनाव संपन्न।
  • 8 दिसंबर 2020: सेफ हार्बर की डेडलाइन तय हुई।
  • 14 दिसंबर 2020: इलेक्टोरल कॉलेज की मीटिंग।
  • 6 जनवरी 2021: कांग्रेस इलेक्टोरल कॉलेज के वोट गिनेगी।
  • 20 जनवरी 2021: शपथ ग्रहण और नए राष्ट्रपति काल की शुरूआत।
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