डोनाल्ड ट्रंप को हराकर जो बाइडन अमेरिका के नए राष्ट्रपति होने जा रहे हैं। चुनाव के नतीजे स्पष्ट हो जाने के बाद 20 जनवरी को बाइडन अपने राष्ट्रपति काल का शुभारंभ करेंगे। ऐसे में अभी आगामी ढाई महीने तक ट्रंप ही अमेरिका के राष्ट्रपति कहलाएंगे, भले ही वो चुनाव हार चुके हैं। बता दें कि चुनीव हारने के बाद नए राष्ट्रपति को सत्ता सौंपने का, जो समय मिलता है, उसे ट्रांजिशन समय कहा जाता है।
आखिर चुनाव हारने के बाद भी ढाई महीने तक पद पर क्यों बने रहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?
क्या होती है ट्रांजिशन प्रक्रिया?
प्रेसिडेंशियल ट्रांज़िशन प्रोसेस के मुताबिक, अमेरिका में जाने वाला राष्ट्रपति अपनी तमाम शक्तियों के साथ ही सारे विभागों से संबंधित नीतिगत दस्तावेज आने वाले राष्ट्रपति को हस्तांतरित करता है। यह प्रक्रिया चुनाव के नतीजों के दिन से शपथ ग्रहण के दिन के बीच होती है। हालांकि, सत्ता सौंपने की शुरूआत चुनाव से पहले भी कभी शुरू की जा सकती है।
पहले लंबा होता था ट्रांजिशन समय
अमेरिका में जाने वाले राष्ट्रपति को 'लेम डक' प्रेसिडेंट भी कहते हैं। यह एक ऐसा राष्ट्रपति होता है, जो पद पर तो है, लेकिन उसके पास बने रहने की ताकत नहीं है। साल 1933 में अमेरिकी संविधान में हुए 20वें संशोधन में ट्रांजिशन की अवधि छोटी कर दी गई। इससे पहले यह अवधि 4 मार्च तक के लिए नियत थी, जिसे 20 जनवरी किया गया है।
चुनाव के पहले ही हो जाती है प्लानिंग
फिलहाल अमेरिका में जिस तरह की यह प्रक्रिया होती है, उसकी बुनियाद प्रेसिडेंशियल ट्रांजिशन एक्ट 1963 ने रखी थी। इस एक्ट के तहत शांतिपूर्ण ढंग से शक्ति सौंपने की व्यवस्था बनाई थी। प्रैक्टिस के हिसाब से चुनाव से पहले ही इस प्रक्रिया के बारे में योजना बनाई जाती है। क्योंकि प्रशासनिक तौर पर बड़े बदलाव होते हैं, इसलिए पहले से तैयारी करने की प्रैक्टिस रही है।
ट्रंप कैसे सौंपेंगे बाइडन को सत्ता?
इस साल मई महीने में, जब जो बाइडन को डेमोक्रेटिक पार्टी ने नामांकन तय किया था, तब ही ट्रांजिशन टीम के लिए सरकारी संस्थाओं की बैठक शुरू हो गई थी। सत्ता सौंपने के लिए चुनाव से पहले और चुनाव के बाद कुछ अहम स्टेज होती हैं। ट्रंप प्रशासन और बाइडन के बीच सत्ता सौंपने के लिए टाइमलाइन...
- 8 अप्रैल 2020: बर्नी सैंडर्स के जाने के बाद माना गया कि बाइडन ही नामांकित होंगे।
- 20 जून2020: शुरूआती ट्रांजिशन टीम की घोषणा हुई।
- अगस्त 2020: डेमोक्रेटिक कन्वेंशन में बाइडन और कैलिफोर्निया सीनेटर कमला हैरिस नामांकित किए गए थे।
- 5 सितंबर 2020: एक पूर्ण ट्रांजिशन टीम को सार्वजनिक तौर पर सामने लाया गया।
- 1 नवंबर 2020: ट्रांजिशन के लिए डेडलाइन तय हुई।
- 3 नवंबर 2020: चुनाव यानी मतदान का दिन।
- 4 नवंबर 2020: ट्रांजिशन वेबसाइट लाइव हुई।
- 7 नवंबर 2020: चुनाव संपन्न।
- 8 दिसंबर 2020: सेफ हार्बर की डेडलाइन तय हुई।
- 14 दिसंबर 2020: इलेक्टोरल कॉलेज की मीटिंग।
- 6 जनवरी 2021: कांग्रेस इलेक्टोरल कॉलेज के वोट गिनेगी।
- 20 जनवरी 2021: शपथ ग्रहण और नए राष्ट्रपति काल की शुरूआत।