इन दिनों अपने देश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हम सभी सोच रहे हैं कि कब ये ठंड जाएगी। लेकिन क्या आपको पता है दुनिया में कई ऐसी भी जगहें हैं जहां तापमान माइनस में अर्द्ध शतक मार कर शतक के पास पहुंच जाता है। आज हम आपको दुनियाभर के 5 ऐसे ही स्थानों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनमें से किसी जगह का तापमान -89 डिग्री तो कहीं का -69 डिग्री तक पहुंच जाता है। यहां रिसर्च करने वाले लोगों के अलावा कोई दूसरा इंसान नहीं रहता है। वंडर्स लिस्ट डॉट कॉम की लिस्ट के मुताबिक आप भी जानिए दुनिया के सबसे ठंडे देशों के तापमान के बारे में।
हम 2-3 डिग्री में ही कंपकपाने लगते हैं, इन देशों में -50 से भी नीचे चला जाता है पारा
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वोस्तोक, अंटार्कटिका- धरती की सबसे ठंडी जगह
धरती का सबसे ठंडा स्थान दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद वोस्तोक, अंटार्कटिका है, लेकिन यह निर्जन है। यहां तापमान -89 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। 2013 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने उपग्रह से अंटार्कटिका का तापमान -94.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया था। 21 जुलाई, 1983 में अंटार्कटिका के Vostok station पर अभी तक धरती का सबसे कम तापमान -128.56°F रिकॉर्ड किया गया था। यहां की बर्फ की औसतन मोटाई लगभग 1.6 किलोमीटर है और आपको जानकर हैरानी होगी कि धरती का 90% साफ पानी यही पर है लेकिन बर्फ के रूप में। सोवियत रूस द्वारा स्थापित वोस्टोक नामक शोधशाला में 24 अगस्त 1960 को तापमान -88.3 डिग्री सेल्सियस मापा गया। आपको शायद यकीन ना हों लेकिन यहां पर एक एटीएम भी है। आज तक पाए गए 90% उल्कापिंड अंटार्कटिका से आए हैं। धरती पर केवल अंटार्कटिका ही ऐसा महाद्वीप हैं, जहां सांप बिल्कुल भी नहीं पाए जाते हैं। अंटार्कटिका ही केवल ऐसा महाद्वीप हैं जहां कोई टाइम जोन नहीं हैं। आज तक का सबसे पुराना स्पर्म अंटार्कटिका में मिला है। यह स्पर्म एक कीड़े का है, जो 50 Million साल पुराना है।
प्लेटो स्टेशन, अंटार्टिका- आंखों की पलकों पर जम जाती है बर्फ
यहां सबसे कम तापमान -123 डिग्री तक हो जाता है जो काफी हैरान करने वाला है। 20 जुलाई 1968 को यहां का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया था, -123.1 डिग्री फॉरेनहाइट (-86.2 डिग्री सेंटीग्रेट) था। यहां के मौसम के बारे में वैज्ञानिक अभी तक पता नहीं लगा पाए हैं। यहां आंखों की पलकों पर बर्फ जम जाती है।
रूस का ओइमयाकन गांव, थर्मामीटर टूट गया
रूस के ओइमयाकन गांव में भी तापमान माइनस 50 से भी नीचे चला जाता है। ओइमयाकन गांव रूस के साइबेरिया क्षेत्र में 5300 किलोमीटर दूर पूर्व में बसा हुआ है। इस क्षेत्र को दुनिया का सबसे सर्द प्रदेश भी कहा जाता है। यहां पर ठंड का अंदाजा यूं लगाया जा सकता है कि तापमान नापने वाला थर्मामीटर भी टूट गया है। जनवरी के महीने में आमतौर पर यहां -50 तक तापमान पहुंच जाता है। लोगों को दावा है कि उनके निजी थर्मामीटरों में तापमान -67 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड हुआ है। इतनी ठंड में लोगों के सिर के बाल और पलकें तक जम गई है। लोगों ने अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाली हैं। इससे पहले गांव में 1933 में तापमान -68 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां लगाया गया बड़ा थर्मामीटर भी अत्यधिक ठंड के कारण टूट गया है।
रूस का याकूत्स्क शहर
याकूत्स्क रूस के सुदूर पूर्वी साखा गणतंत्र की राजधानी है। रुस के याकूत्स्क शहर में भी लोग माइनस 63 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में रहने को मजबूर हैं। रूस के इस शहर को आबादी वाली दुनिया की सबसे ठंडी जगह भी कहा जाता है। याकूत्स्क में करीब 3 लाख लोग रहते हैं। रूस में आर्कटिक रेखा से केवल 450 किलोमीटर दक्षिण में स्थित यह शहर लेना नदी के किनारे बसा हुआ है। यही वजह है कि इसे 'पोर्ट सिटी' के नाम से भी जाना जाता है। सर्दियों के मौसम में यहां सबकुछ बर्फ से ढका मिलता है। इस शहर में खेती करने में भी दिक्कत आती है और यहां हवाई जहाज की उड़ान भी आसान नहीं है। याकूत्स्क शहर मुख्यत: मछलियों पर निर्भर है। यहां के मार्केट में हर तरफ मछलियों की दुकान नजर आती है, खाने के अन्य सामान भी फ्रोजेन स्थित में होते हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इस शहर पर ग्लोबल वार्मिंग का काफी असर पड़ रहा है। ऐसे में आने वाले वक्त में शहर में बर्फ पिघल सकते हैं और बर्बादी का सामना करना पड़ सकता है। यह शहर लेना नदी पर बसा हुआ है और उस पर एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है। वेर्खोयांस्क, रूस में तापमान -89.8 डिग्री तक चला जाता है और सांस लेना भी यहां काफी मुश्किल होता है।