कुछ चीजों को हम इंसानों ने जेंडर के हिसाब से बांट दिया है। इनमें से एक है पहनावा। आमतौर पर शर्ट, टी-शर्ट, पैंट और टाई को पुरुषों का परिधान कहा जाता है। वहीं उसके विपरीत साड़ी, सूट, लॉन्ग ड्रेसेज, गहने और हाई हिल्स को महिलाओं का पहनावा माना जाता है। यहां तक कि रंगों का भी हमने पुरुषों और महिलाओं के हिसाब बंटवारा कर दिया है। पिंक या रेड को महिलाओं का कलर वहीं ब्लू को पुरुषों का रंग कहा जाता है। लेकिन क्या आप कभी ये कल्पना कर सकते हैं कि लॉन्ग ड्रेसेज, ज्वैलरी और हाई हिल्स महिलाओं के लिए नहीं बल्कि पुरूषों के लिए बनाई गई थीं? शायद ये बात सुनने में आपको थोड़ी अजीब लग रही हो लेकिन ये बिल्कुल सच है।
अजब-गजब: महिलाओं के लिए नहीं पुरुषों के लिए बनाई गई थी ये चीजें, जानिए इनके बारे में
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हाई हील्स
आपको जानकर हैरानी होगी कि कभी पुरुष भी महिलाओं की ही तरह हाई हील्स पहना करते थे। हाई हील्स शुरुआत में पुरुषों के लिए ही बनाई गई थी, जिनका इस्तेमाल वो युद्ध और घुड़सवारी के दौरान करते थे। माना जाता था कि घुड़सवारी के दौरान हाई हील के जूते पहनने पर पकड़ मजबूत होती थी।
ईयररिंग
सबसे पहले ईयररिंग पर्सेपोलिस, फारसी पुरुषों ने पहना था। आज भी वहां के महलों की दीवारों पर मौजूद नक्काशियों में फारसी सौनिकों के कान में ईयररिंग्स नजर आते हैं।
पिंक कलर
आज के समय में पिंक को लड़कियों का रंग माना जाने लगा है। लेकिन 18वीं सदी तक गुलाबी रंग, लाल रंग का एक रूप माना जाता था, जिसे युद्ध से जोड़कर देखा जाता था। उस समय पिंक कलर को पुरुषों का रंग माना जाता था।
सेनिटरी नेपकिन
एक रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस में एक युद्ध को दौरान नर्सों ने सेनिटरी नेपकिन बनाया था। उस दौरान सैनिकों के ब्लीडिंग को रोकने के लिए इसे बनाया गया था।