क्लाइमेट सेंट्रल नाम के प्रोजेक्ट ने ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से बढ़ते खतरों पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में हैरान कर देने वाली बात कही गयी है। रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री जलस्तर और बाढ़ की वजह से अगले 9 सालों में दुनिया के 9 शहर डूब सकते हैं। सिर्फ यही नहीं इस सूची में भारत के कोलकाता शहर का भी नाम शामिल है। चलिए जानते है कि इस रिपोर्ट में किन 9 शहरों के डूबने का खतरा बताया जा रहा है...
अजब-गजब: कुछ सालों में डूब जाएंगे दुनिया के ये बड़े शहर! लिस्ट में कोलकाता का भी नाम शामिल
द नीदरलैंड्स में एम्स्टर्डम, रॉटरडम और हॉग जैसे शहर कम ऊंचाई पर स्थित हैं और ये नॉर्थ सी के बेहद नजदीक हैं। लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस हिसाब से समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, उसे देखकर लगता है कि ये शहर भी डूब जाऐंगे। इतना ही नहीं कोई भी डैम, बैरियर, फ्लडगेट इन शहरों को नहीं बचा पाएंगे।
इराक ये शहर शत अल-अरब नाम की बड़ी नदी के किनारे बसा है। ये नदी पारस की खाड़ी से मिलती है। वहीं कई सारी नहरों और बैक वॉटर चैनल के जरिए ये शहर खाड़ी से जुड़ा है। इसकी वजह से इस शहर के आसपास काफी दलदली इलाका भी है। अगर समुद्री जलस्तर बढ़ता है तो इस शहर को खतरा है। बाढ़ आई तो इस शहर में काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है। सिर्फ यही नहीं ये नक्शे से खत्म भी हो सकता है।
इटली का वेनिस शहर पानी के बीच में बसा हुआ है। यहां पर हर साल बाढ़ आती है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस शहर में दो तरह का खतरा है। पहला समुद्र का जलस्तर बढ़ना और दूसरा ये शहर अपने आप डूब रहा है। हर साल 2 मिलिमीटर नीचे धंस रहा है। अगर समुद्र का जलस्तर तेजी से बढ़ा तो 2030 तक ये शहर पानी के अंदर डूब जाएगा।
वियतनाम के पूर्वी इलाके में बसे इस शहर की ऊंचाई समुद्र तल से ज्यादा नहीं है। इस शहर को सबसे बड़ा खतरा मेकॉन्ग डेल्टा से है। इस डेल्टा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों को आशंका है कि हो ची मिन्ह सिटी साल 2030 तक पानी के अंदर डूब जाएगा।