धरती पर ऐसी कई जगहें हैं, जो अपने विशेष वजहों से रहस्यमय बनी हुई हैं। कुछ ऐसी ही जगहों में से एक है तुर्की का प्राचीन शहर हेरापोलिस। हेरापोलिस में एक बहुत ही पुराना मंदिर स्थित है, जिसे लोग नर्क का द्वार कहते हैं। इस मंदिर के अंदर जाना तो दूर, आसपास भी जाने वाले लोग कभी लौटकर वापस नहीं आ पाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर के संपर्क में आते ही इंसान से लेकर पशु-पक्षी तक मर जाते हैं।
2 of 5
नर्क का द्वार, तुर्की
- फोटो : Social media
कई सालों तक हेरापोलिस में स्थित यह जगह रहस्यमय बनी हुई थी। क्योंकि लोगों का ऐसा मानना था कि यूनानी देवता की जहरीली सांसों की वजह से यहां आने वालों की मौत हो रही है। लगातार हो रही मौतों के वजह से इस मंदिर को लोगों ने 'नर्क का द्वार' नाम दे दिया।
3 of 5
नर्क का द्वार, तुर्की
- फोटो : Social media
ऐसा भी कहा जाता है कि ग्रीक, रोमन काल में भी लोग मौत के डर की वजह से यहां जाने से डरते थे। हालांकि, वैज्ञानिकों ने लगातार हो रही मौत की गुत्थी सुलझा ली है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस मंदिर के नीचे से लगातार जहरीली कार्बन डाई ऑक्साइड गैस रिसकर बाहर निकल रही है, जिसके संपर्क में आते ही इंसानों और पशु-पक्षियों की मौत हो जाती है।
4 of 5
नर्क का द्वार, तुर्की
- फोटो : Social Media
वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए शोध में यह बात सामने आई कि मंदिर के नीचे बनी गुफा में बहुत बड़ी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस मौजूद है। बता दें कि मात्र 10 फीसदी कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस किसी भी इंसान को 30 मिनट के अंदर मौत की नींद सुला सकती है। वहीं, इस मंदिर के गुफा में कार्बन डाई ऑक्साइड जैसे जहरीली गैस की मात्रा 91 फीसदी है।
5 of 5
नर्क का द्वार, तुर्की
- फोटो : Social Media
इस मंदिर के अंदर से निकल रही जहरीली गैस की वजह से यहां आने वाले कीड़े-मकोड़े और पशु-पक्षी मारे जाते हैं। ये जगह पूरी तरह से वाष्प से भरी होने की वजह से काफी धुंधली और घनी है, जिसकी वजह से यहां जमीन भी मुश्किल से ही दिखाई देती है।