धरती के अस्थिर होने का खतरा मंडरा रहा है। दुनिया के बड़े वैज्ञानिकों ने इसकी आशंका जताई है। उन्होंने बताया है कि चंद्रमा हमारी धरती से धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है जिसकी वजह से धरती अस्थिर हो सकती है। 4.5 बिलियन सालों की जिंदगी में यह धीरे-धीरे दूर हो रहा है। लेकिन शुरुआत से ही ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि चंद्रमा धरती को पूरी तरह से छोड़कर दूर जा सकता है।
वैज्ञानिकों ने चेतावानी जारी करते हुए कहा है कि अगर ऐसा हो गया तो धरती पर इसका बेहद बुरा असर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रमा के दूर जाने की वजह से धरती के हर पहलू में प्रलय आएगा। इस घटना से पृथ्वी और चंद्रमा के बीच गुरुत्वाकर्षण संबंध प्रभावित होंगे जिसका असर समुद्र, सूर्य, स्तनधारियों और पेड़-पौधों समेत कई वस्तुओं पर होगा। पृथ्वी से 384,400 किमी की दूरी पर चंद्रमा मौजूद है। आईए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
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चंद्रमा को लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा
- फोटो : iStock
धरती से चंद्रमा की दूरी को खास तरीके से मापा जाता है। अंतरिक्ष वैज्ञानिक दूरी को मापने के लिए लेजर फायर करते हैं। लेजर के पृथ्वी पर वापस आने के समय की गणना से दोनों के बीच की दूरी का अंदाजा लगाया जाता है। तो वहीं कुछ वैज्ञानिकों ने अलग चेतावनी दी है।
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चंद्रमा को लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा
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इन वैज्ञानिकों का कहना है कि समय के साथ चंद्रमा धरती के पास आ सकता है। इसकी वजह से गुरुत्वाकर्षण पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। धरती के चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र स्थित है जो बेहद शक्तिशाली है। जिसका ग्रह के मूल में मौजूद तरल लोहे के घूमने से निर्माण हुआ है।
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चंद्रमा को लेकर हुआ चौंकाने वाला खुलासा
- फोटो : Pixabay
चंद्रमा के बारे में बड़ा खुलासा
वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी जितनी पुरानी है धरती का चुंबकीय क्षेत्र भी उतना ही पुराना हो सकता है। उनका मानना है कि ऐसा विचार चंद्रमा के बिल्कुल अलग है जिसमें आज पूरी तरह से चुंबकीय क्षेत्र नहीं है। एक अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि चंद्रमा में एक चुंबकीय क्षेत्र था जो पृथ्वी की तरह मजबूत था।