अजब-गजब: नासा का जेम्स वेब टेलीस्कोप आए दिन हैरतगेंज खोज करता है। अब नासा के इस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष में बड़ी खोज की है। जेम्स वेब टेलीस्कोप ने अभी तक के सबसे पुराने और सबसे दूर स्थित ब्लैक होल की खोज की है, जो ब्रह्मांड के शुरुआत के दौरान का है। खगोलविदों ने बताया कि यह ब्लैक होल अपनी मेजबान आकाशगंगा को निगलता जा रहा है।
अजब-गजब: जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोजा अब तक का सबसे बड़ा ब्लैक होल, वैज्ञानिकों ने किया हैरान करने वाला खुलासा
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कुछ ब्लैक होल तारकीय टकरावों की वजह से बनते हैं, तो वहीं कुछ प्रारंभिक ब्रह्मांड ब्लैक होल जिन्हें "डायरेक्ट कोलैप्स ब्लैक होल" कहा जाता है, जिनका निर्माण सिर्फ प्रारंभिक आकाशगंगाओं के एक-दूसरे को प्रभावित करने से होता है।
सूर्य कितना बड़ा है ब्लैक होल?
खगोलविद मानते हैं कि इस ब्लैक होल का निर्माण किसी तारे की मौत की वजह से नहीं हुआ होगा। उन्होंने बताया कि यह ब्रह्मांड के निर्माण के 400 मिलियन वर्ष बाद इसी स्थान पर मौजूद था। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि अंतरिक्ष की दृष्टि से कोई आकाशीय पिंड अपेक्षाकृत कम समय में इतना बड़ा नहीं हो सकता है, जो मरने के बाद इतने बड़े ब्लैक होल का निर्माण कर सके।
वैज्ञानिकों का क्या कहना है?
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री रॉबर्ट मायोलिनो ने बताया कि ब्रह्मांड में संभव नहीं है कि इतना बड़ा ब्लैक होल इतनी तेजी से विकसित हो जाए। सिद्धांतों के मुताबिक, पर्याप्त समय नहीं है। इसलिए किसी को वैकल्पिक परिदृश्यों की मदद लेनी होगी। खगोलविद मानते हैं कि ब्लैक होल का निर्माण अपने वर्तमान आकार में हो सकता है, या यह जितना संभव समझा गया था उससे लगभग पांच गुना अधिक तेजी से पदार्थ को खा सकता है।
ब्लैक होल अपने आकाशगंगा को निगल रहा
मायोलिनो ने बताया कि यह ब्लैक होल अनिवार्य तौर पर हर पांच साल में पूरे सूर्य को खा रहा है। हमने जितना सोचा था उसके अधिक है। ब्लैक होल अपनी मेजबान आकाशगंगा GN-z11 निगल रहा है, जिसे पहली बार 2016 में देखा गया था।