Luna 25: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 14 जुलाई को चंद्रयान-3 मिशन लाॅन्च किया था। इसके बाद रूस ने भी चांद पर लूनर मिशन भेजा है। भारत और रूस के मिशन पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। रूस ने भारत के चंद्रयान 3 के करीब एक महीने बाद लूनर मिशन को लाॅन्च किया था। रूस का लूना-25 चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद उसने अब चंद्रमा की पहली तस्वीर भेजी है।
Luna 25: रूस के लूना-25 ने भेजी चंद्रमा की दुर्लभ तस्वीर, चांद पर दिखा रहस्यमयी गड्ढा
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रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने तस्वीर के बारे में जानकारी दी है कि लूना-25 के लैंडर ने चंद्रमा के सतह की पहली डिटेल फोटो खींची है। एजेंसी के अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि तस्वीर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्रेटर जीमन की है। 75 डिग्री दक्षिण अक्षांश और 135 डिग्री पश्चिम देशांतर पर गड्ढा स्थित है।'
सोवियत संघ के पतन के बाद लगभग 50 साल में रूस का यह पहला चंद्रमा मिशन है, जिसे एक मील का पत्थर माना जा रहा है। लूना 25 ने 13 अगस्त को भी कुछ तस्वीरें भेजी थीं, जिनमें एक तरफ धरती और एक तरफ चांद नजर आ रहा था। इसके साथ ही मिशन का प्रतीक और ऑनबोर्ड मैनिपुलेटर भी दिख रहा था।
Russia's Luna-25 moon lander snaps 1st photo of lunar surface https://t.co/Okw38roHAK pic.twitter.com/21jbdwMwTO
आखिर क्या है जीमन
जीमन चंद्रमा के प्रभाव की वजह से बना एक गड्ढा है जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित है। यह पृथ्वी से नजर नहीं आता है। जीमन के उत्तर-पश्चिम में न्यूमेरोव क्रेटर और दक्षिणपूर्व में एशब्रुक क्रेटर है। वैज्ञानिक अभी तक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इन क्रेटर्स का निर्माण कैसे हुआ है? जीमन का बाहरी किनारा कटा है और काफी टेढ़ा-मेढ़ा है। ढलानों की चौड़ाई भी बेहद अलग है।
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लूना-25 फिलहाल चंद्रमा की कक्षा में है, लेकिन यह अधिक समय तक यहां नहीं रहेगा। कुछ दिनों में लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित भूरे रंग की गंदगी के एक टुकड़े की जांच करेगा। माना जाता है कि इस क्षेत्र में बर्फ भरा है। लूना-25 सफलतापूर्वक लैंडिग कर लेता है, तो अंतरिक्ष यान एक साल तक चलने वाले मिशन को अंजाम देगा। यह बर्फ के साथ ही कई अन्य जगहों की भी जांच करेगा।
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