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Lal Bahadur Shastri Death Anniversary: ताशकंद में हुई शास्त्री जी की मौत आज भी है रहस्य, जानिए क्या हुआ था उस रात

Tue, 11 Jan 2022 12:35 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Tue, 11 Jan 2022 12:35 PM IST
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Lal Bahadur Shastri Death Anniversary mystery of lal bahadur shastri death in tashkent till date
ताशकंद में हुई शास्त्री जी की मौत आज भी है रहस्य - फोटो : Facebook/AshokTanwar

Lal Bahadur Shastri Death Anniversary: देश में कई नेताओं की मौत पर सवाल खड़े होते रहे हैं, लेकिन भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत के रहस्य से 56 साल बाद भी पर्दा नहीं उठ पाया है। भूतपूर्व प्रधानमंत्री की मौत 11 जनवरी, 1966 को ताशकंद में हुई थी। हिन्दुस्तान के लोगों में आज भी इस बात की चर्चा होती है कि आखिर उस रात ताशकंद में ऐसा क्या हुआ था कि लाल बहादुर शास्त्री की अचानक मौत हो गई थी। 



शास्त्री की मौत के बाद से भारत में कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन उनकी मौत आज भी रहस्य है। भारत में राजनेता मांग करते हैं कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री की मौत के रहस्य से पर्दा उठाया जाए। साल 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच जंग खत्म हुई थी जिसके बाद दोनों देशों के बीच ताशकंद में समझौत हुआ था। यह समझौता 10 जनवरी 1966 को हुआ था जिसके 12 घंटे बाद ही 11 जनवरी को तड़के शास्त्री की मौत हो गई थी। 

Lal Bahadur Shastri Death Anniversary mystery of lal bahadur shastri death in tashkent till date
ताशकंद में हुई शास्त्री जी की मौत आज भी है रहस्य - फोटो : Twitter @anujdhar


आधिकारिक तौर पर बताया गया कि लाल बहादुर शास्त्री की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई थी। बताया जाता है कि शास्त्री को दिल से संबंधित बीमार थी और साल 1959 में एक बार हार्ट अटैक भी आया था। इसके बाद उनके परिवार के लोग उनको कम काम करने की सलाह देते थे, लेकिन प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद उनका काम और बढ़ गया।  

Lal Bahadur Shastri Death Anniversary mystery of lal bahadur shastri death in tashkent till date
ताशकंद में हुई शास्त्री जी की मौत आज भी है रहस्य - फोटो : Twitter @@VNM555


शव का नहीं हुआ था पोस्टमार्टम

ताशकंद में मौत के बाद शास्त्री का पार्थिव शरीर भारत लाया गया था। इसके बाद कई प्रत्यक्षदर्शियों ने शास्त्री के चेहरे और शरीर पर अप्राकृतिक नीले और सफेद धब्बे देखे जाने की बात कही है। इसके अलावा उनके पेट और गर्दन पर कटे के भी निशान थे। सबसे हैरानी की बात यह है कि मौत से पर्दा उठाने के लिए बनी राजनारायण जांच समिति किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की जा सकी। संसदीय लाइब्रेरी में भी उनकी मौत या जांच समित का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। 

 

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Lal Bahadur Shastri Death Anniversary mystery of lal bahadur shastri death in tashkent till date
ताशकंद में हुई शास्त्री जी की मौत आज भी है रहस्य - फोटो : Twitter @NitumoniSaikia0


लाल बहादुर शास्त्री की संदिग्ध अवस्था में मौत होने के बावजूद भी उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। शास्त्री जी के परिजनों ने दावा किया था कि उनके शरीर पर जहर की वजह से नीले निशान थे। कई और ऐसी चीजें देखने को मिलीं जिसकी वजह से उनकी मौत पर सवाल खड़ा होता है। शास्त्री की शरीर पर कटे के निशान कहां से आए जबकि उनका पोस्टमार्टम नहीं किया गया था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2009 में भारत सरकार ने स्वीकार किया था कि शास्त्री की मौत के बाद उनके डॉक्टर और रूस डाक्टरों द्वारा जांच की गई थी। 

 

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ताशकंद में हुई शास्त्री जी की मौत आज भी है रहस्य - फोटो : Twitter @RavichandraBM7

भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री की मौत तब और रहस्यमयी बन गई जब उनके दो खास गवाहों की असामान्य मौत हो गई। नौकर रामनाथ और निजी डॉक्टर डॉ आरएन चुग को साल 1977 में संसदीय निकाय के सामने पेश होना था, क्योंकि दोनों शास्त्री के साथ ताशकंद गए थे। लेकिन दोनों की संसदीय निकाय के सामने पेश होने से पहले ही मौत हो गई। 


 

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