वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और इसका सबसे बड़ा असर खाने-पीने पर भी पड़ा है। हालांकि, विश्व की बड़ी आबादी लंबे समय से भुखमरी से जूझ रही है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन के मुताबिक, साल 2019 में 69 करोड़ लोग भुखमरी से जूझ रहे थे। कोरोना की मार से इस संख्या में और बढ़ोतरी हुई है। भुखमरी जैसे गंभीर समस्या के आगे खाने की बर्बादी की तस्वीरें और डरा रही हैं।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कई रिपोर्ट्स में ऐसा अनुमान लगाया गया है कि साल 2019 में 93 करोड़, 10 लाख टन खाना बर्बाद हुआ, जो कुल उपलब्ध खाने का लगभग 17 फीसदी है। बता दें कि हमारा देश भारत भी खाना बर्बाद करने वाले देशों में शामिल है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर साल प्रति व्यक्ति 50 किलो खाने की बर्बादी हो रही है। भारत में एक साल में पैदा हुए तिलहन, गन्ना और बागवानी का कुल उत्पादन के बराबर खाने की बर्बादी भी हो रही है।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
बता दें कि सबसे ज्यादा खाना लोग घरों के भीतर ही बर्बाद करते हैं। घरों में लोग जरूरत से ज्यादा खाना बनाकर फिर बचे हुए भाग को फेंकने में बिल्कुल संकोच नहीं करते हैं। इसके बाद नंबर आता है रेस्त्रां का। इसके साथ ही खुदरा दुकानदारों के द्वारा भी अनाज की बहुत बर्बादी की जाती है। ठीक से भंडारण नहीं करने से अनाज खराब हो जाते हैं और उन्हें फेंकना पड़ जाता है।
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खाने की बर्बादी करने वाले देशों की गणना के साल 2019 के आंकड़ों के मुताबिक, यूरोपियन देश बेल्जियम में सबसे ज्यादा खाना बर्बाद होता है। वहीं फिलीपींस एक ऐसा देश है, जहां खाने की सबसे अधिक बचत होती है। खाने की बर्बादी को लेकर संयुक्त राष्ट्र के अलावा कई दूसरी संस्थाओं ने भी स्टडी की, जिसमें पाया गया कि ऑस्ट्रेलिया भी खाना बर्बाद करने में बहुत आगे है। ऑस्ट्रेलिया में हर साल लगभग 361 किलो खाना प्रति व्यक्ति बर्बाद जाता है। इसके बाद अमेरिका का नंबर आता है, जहां हर साल 278 किलो खाना बर्बाद किया जाता है।
5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
अध्ययन में यह बात भी सामने आई कि विकासशील और विकसित देशों में खाने की बर्बादी के अलग-अलग कारण हैं। विकसित देशों में सबसे ज्यादा खाना रेस्त्रां में बर्बाद होता है, तो वहीं विकासशील देशों में अन्न के सही भंडारण नहीं करने और फसल काटने के दौरान ही अधिक खाना बर्बाद हो जाता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि साल 2019 में अमेरिका में लगभग 60 मिलियन टन फल और सब्जियां फेंक दी गईं, क्योंकि वे दिखने में अच्छी नहीं लग रही थीं।