'आवश्यकता आविष्कार की जननी है' यह कहावत काफी लोकप्रिय है। इसका अर्थ यही है कि जीवन यापन के लिए, जो कुछ भी जरूरी हो, इंसान किसी भी तरह से उसे प्राप्त करने में लग जाता है और हासिल करने के लिए अथक प्रयास करता है। मानव जैसे-जैसे खुद को विकसित करने लगा, उसके आवश्यकताओं का क्षेत्र भी उसी तरह बढ़ता चला गया। आज हवाई जहाज और रेल जैसे परिवहन के साधनों के आविष्कार से लंबी से लंबी दूरी बहुत कम समय में तय कर ली जा रही है। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब एक जगह से दूसरे जगह की पैदल यात्रा करने में किसी व्यक्ति को कई दिन का समय लग जाता था। किसी भी चीज का आविष्कार करना आसान काम नहीं होता। इसमें वैज्ञानिकों को सालों लग जाते हैं। तब जाकर कहीं वो सफल हो पाते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ही आविष्कारक और उनके आविष्कारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके आविष्कार तो बहुत उपयोगी साबित हुए, लेकिन अफसोस कि उनके अपने ही आविष्कार उनकी मौत की वजह बन गए।
अजब-गजब: जानिए उन 5 आविष्कारकों के बारे में, जिनके अपने ही आविष्कार ने ले ली जान
अमेरिका के समर काउंटी में 29 दिसंबर 1823 को जन्मे हॉरेस लॉसन हन्ली ने हाथ से चलने वाली पनडुब्बी का आविष्कार किया था। हालांकि, परीक्षण के दौरान उनकी पनडुब्बी समुद्र में डूब गई थी, जिसमें वो भी अपने क्रू-मेंबर्स के साथ मौजूद थे। इस हादसे में उनकी मौत हो गई थी।
हेनरी स्मोलिंस्की को उड़ने वाली कार बनाने के लिए जाना जाता है। 1973 में उन्होंने यह आविष्कार किया था, जिसका नाम उन्होंने 'एवीई मिजार' रखा था। हालांकि, टेस्ट करने के लिए जब वो अपनी फ्लाइंग कार में बैठे और उसे उड़ाया तो कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
फ्रांज रीचेल्ट
ऑस्ट्रिया में जन्मे फ्रांज रीचेल्ट को आधुनिक विंगसूट का आविष्कारक माना जाता है। हालांकि, इसकी टेस्टिंग के लिए पेरिस के एफिल टावर से कूदने के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उस समय उनकी उम्र महज 33 साल थी।
रेडियम और पोलोनियम नामक दो तत्वों की खोज करने वाली मशहूर भौतिकविद और रसायनशास्त्री मैरी क्यूरी की मौत उनकी इसी खोज के कारण साल 1934 में हो गई थी। दरअसल, मैरी क्यूरी रेडियोएक्टिविटी पर काम कर रही थीं, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि रेडियोएक्टिविटी कितनी खतरनाक होती है। उनके शरीर पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा था, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई थी।