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जब अंधविश्वास में फंसकर 900 से भी अधिक लोगों ने कर लिया था सुसाइड, दिल दहला देती है कहानी

Sat, 17 Oct 2020 10:21 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Sat, 17 Oct 2020 10:21 AM IST
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जोंसटाउन आत्महत्या - फोटो : सोशल मीडिया

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि बिल्ली के रास्ता काट देने से अपशगुन होता है। यहां तक कि लोग छींकने तक को भी अंधविश्वास की श्रेणी में रखते हैं। वैसे ये सब अंधविश्वास बहुत ही मामूली हैं। आज हम आपको एक ऐसे दिल दहला देने वाले अंधविश्वास के बारे में बताएंगे, जिसके कारण अमेरिका के पास स्थित गुयाना के जोंसटाउन में एक साथ 900 से भी अधिक लोगों ने आत्महत्या कर ली थी?

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जोंसटाउन आत्महत्या - फोटो : सोशल मीडिया

बता दें कि इस घटना को अबतक की सबसे बड़ी आत्महत्या की घटनाओं में से एक माना जाता है। 18 नवंबर 1978 को घटी इस घटना के बारे में जो भी सुनता है हैरत में पड़ जाता है। दरअसल, इस घटना के पीछे जिम जोंस नामक एक धर्मगुरु का हाथ था। वो खुद को भगवान का अवतार बताता था। जिम जोंस ने लोगों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए जरूरतमंद लोगों की मदद के नाम पर साल 1956 में 'पीपल्स टेंपल' (लोगों का मंदिर) नाम का एक चर्च बनाया और अपनी धार्मिक बातों और अंधविश्वास के दम पर उसने हजारों लोगों को अपना अनुयायी बना लिया।

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जिम जोंस - फोटो : सोशल मीडिया

जिम जोंस कम्युनिष्ट विचारधारा का था और उसके विचार अमेरिकी सरकार से अलग थे। इसलिए वो अपने अनुयायियों के साथ शहर से दूर गुयाना के जंगलों में चला गया और वहीं पर उसने एक छोटा सा गांव भी बसा दिया। लेकिन कुछ दिनों के बाद ही उसकी असलियत लोगों के बीच आने लगी। वो अपने अनुयायियों (चाहे वो महिला हो या पुरुष) से दिनभर काम कराता था और रात में जब वो थक-हारकर सोने के लिए जाते, तो वो उन्हें सोने भी नहीं देता था और अपना भाषण शुरू कर देता था। इस दौरान उसके सिपाही घर-घर जाकर देखते थे कि कहीं कोई सो तो नहीं रहा।

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जोंसटाउन - फोटो : सोशल मीडिया

इतना ही नहीं अगर कोई सोता हुआ पाया जाता था, तो उसे कड़ी सजा दी जाती थी। जिम जोंस अपने अनुयायियों को गांव से बाहर भी नहीं जाने देता था। पुरुष और महिलाएं जब काम करती थीं, तो उनके बच्चों को एक कम्युनिटी हॉल में रखा जाता था। उसके सिपाही गांव के चारों ओर दिन-रात पहरा देते रहते थे, ताकि कोई वहां से भाग न जाए।

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जिम जोंस - फोटो : सोशल मीडिया

जिम जोंस का अंधविश्वास का जाल इतना फैल चुका था कि वो अपने अनुयायियों से कुछ भी कहता, तो लोग उसे मान लेते थे। इसी बीच अमेरिकी सरकार को वहां हो रही गतिविधियों के बारे में पता चला। सरकार ने जिम जोंस पर कार्रवाई करने की सोची। लेकिन इसका पता जिम जोंस को भी चल गया और उसने अपने सभी अनुयायियों को एक जगह इकट्ठा होने को कहा।

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