फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

भगवान श्रीकृष्ण के महल पर बना है द्वारकाधीश मंदिर, 2200 साल पुराना है इतिहास

Wed, 12 Aug 2020 08:19 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Wed, 12 Aug 2020 08:19 AM IST
विज्ञापन
janmashtami 2020 date significance and history of dwarkadhish temple
द्वारकाधीश मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया

हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इस बार जन्माष्टमी का त्योहार 11 और 12 अगस्त को मनाया जाएगा। आज हम आपको भगवान कृष्ण के द्वारकाधीश मंदिर के बारे में बताएंगे, जो देश- दुनिया में काफी प्रसिद्ध है। इस मंदिर को हिंदू धर्म के चार धामों में से एक धाम भी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार करीब पांच हजार साल पहले भगवान कृष्ण ने द्वारका नगरी बसाई थी। श्री कृष्ण का निजी महल हरि गृह पर ही द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण हुआ।

janmashtami 2020 date significance and history of dwarkadhish temple
ठाकुर द्वारिकाधीश - फोटो : अमर उजाला

द्वारकाधीश मंदिर के भगवान श्रीकृष्ण की श्यामवर्णी चतुर्भुज प्रतिमा है, जो चांदी के सिंहासन पर बैठे हैं। इस प्रतिमा में कृष्ण अपने हाथों में शंख, गदा, चक्र और कमल धारण किए हुए हैं। पुरातात्विक खोज के दौरान इस मंदिर को 2,000 से 2,200 साल पुराना बताया गया है।

janmashtami 2020 date significance and history of dwarkadhish temple
द्वारिकाधीश मंदिर - फोटो : अमर उजाला

चूना-पत्थर से बना हुआ सात मंजिला द्वारकाधीश मंदिर की ऊंचाई करीब 157 फीट है। श्री कृष्ण की जीवन लीलाओं का चित्रण करते हुए इस मंदिर की बाहरी दीवारों की सजावट की गई है। इस मंदिर के दो प्रवेश द्वार हैं। दक्षिण दिशा वाले द्वार को स्वर्ग द्वार कहा जाता है। तीर्थ यात्री आमतौर पर इसी द्वार के माध्यम से मंदिर में प्रवेश करते हैं। उत्तर की तरफ, जो द्वार है उसे मोक्ष द्वार कहा जाता है। यह द्वार गोमती नदी के 56 तटों की ओर ले जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
janmashtami 2020 date significance and history of dwarkadhish temple
द्वारिकाधीश मंदिर - फोटो : अमर उजाला

मंदिर के दक्षिण में भगवान त्रिविक्रम का मंदिर है। इसमें राजा बलि तथा सनकादि चारों कुमारों की मूर्तियों के साथ-साथ गरुड़ जी की मूर्ति भी विराजमान है। मंदिर के उत्तर में प्रधुम्न जी की प्रतिमा और उसके पास ही अनिरुद्ध व बलदेव जी की मूर्तियां भी हैं।

विज्ञापन
janmashtami 2020 date significance and history of dwarkadhish temple
द्वारिकाधीश मंदिर - फोटो : अमर उजाला

मंदिर की पूर्व दिशा में दुर्वासा ऋषि का मंदिर है। मंदिर के पूर्वी घेरे के भीतर ही मंदिर का भण्डार है और उसके दक्षिण में जगत गुरु शंकराचार्य का शारदा मठ है। उत्तरी मोक्ष द्वार के निकट कुशेश्वर शिव मंदिर है। यहां के दर्शन किए बिना यात्रा अधूरी मानी जाती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed