बाहरी दुनिया में चीजों को उठाने या कहीं ले जाने के लिए हाथ का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं यही कार्य आपको कंप्यूटर पर करने के लिए माउस की जरुरत पड़ती है। स्क्रीन पर किसी फाइल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए या किसी आयकन पर क्लिक करने के लिए हम माउस की मदद लेते हैं, लेकिन क्या कभी आपके दिमाग में ये सवाल आया है कि कंप्यूटर के महत्वपूर्ण डिवाइस का नाम एक छोटे से जानवर चूहे पर क्यों रखा गया। आइये आज जानते हैं इसका नाम माउस क्यों पड़ा और कंप्यूटर के इस महत्वपूर्ण डिवाइस के बारे में कुछ रोचक तथ्य...
अजब-गजब: माउस के बारे में ये खास बातें नहीं जानते होंगे आप, जानिये कैसे पड़ा इसका नाम
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ऐसे रखा गया माउस का नाम
जब माउस का आविष्कार हुआ तो उसके बाद इसके नामकरण की बात आई। लेकिन डिजाइनिंग के आधार पर देखा गया कि माउस एक छोटा सा डिवाइस है, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि एक चूहा दुबक कर बैठा हो। साथ ही उसके पीछे से निकलने वाला वायर एकदम चूहे की पूंछ जैसा था। सिर्फ यही नहीं जैसे चूहा फुर्ती से सारा काम करता है, उसी तरह माउस सारे काम करता था। यही सब देखने के बाद इस डिवाइस का नाम माउस रखा गया।
एक और रोचक तथ्य
माउस के बारे में क्या एक और खास बात आपको पता है? अगर नहीं तो हम बताते हैं, इसका नाम 'माउस' और 'पॉइंटर डिवाइस' के अलावा 'टर्टल' भी रखा जा चुका है। ऐसा इसलिए क्योंकि कंप्यूटर के इस डिवाइस का शेल भी कछुए की तरह ही हार्ड होता है और शेप भी कुछ मिलता-जुलता है, लेकिन कछुए की रफ्तार काफी कम होती है इसलिए इसका माउस ही रखा गया।
समय के साथ-साथ टेक्नोलॉजी में भी काफी बदलाव हुआ है। हर पुरानी चीजों में कुछ न कुछ बदलाव हुए हैं, जिससे हमारा काम पहले से और आसान होता चला गया है। मार्केट में वायरलेस माउस आ गए हैं, जो कि ब्लूटूथ से लैपटॉप या कंप्यूटर में कनेक्ट होते हैं।