{"_id":"60618ee84906530ab209be91","slug":"holi-2021-religious-and-scientific-reason-behind-bhang-on-holi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Holi 2021: होली पर भांग की परंपरा, जानिए इसके पीछे धर्म और विज्ञान का मेल","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
Holi 2021: होली पर भांग की परंपरा, जानिए इसके पीछे धर्म और विज्ञान का मेल
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नवनीत राठौर
Updated Mon, 29 Mar 2021 06:09 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
पूरे देशभर में आज होली त्योहार की धूम है। भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक होली में खानपान का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व काफी रोचक है। हालांकि, इस बार कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण त्योहार को लेकर कोई सार्वजनिक आयोजन नहीं किया जाएगा। होली के त्योहार में अगर खानपान की बात की जाए, तो भांग का जिक्र जरूर आता है। इस खास मौके पर कई लोग ठंडाई में मिलाकर भांग का सेवन करते हैं।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
भांग को लेकर कई तरह की धार्मिक कहानियां प्रचलित है। एक किंवदंती के मुताबिक, शिव वैराग्य में थे अपने ध्यान में लीन थे। लेकिन पार्वती जी चाहती थीं कि वो ये तपस्या छोड़कर दांपत्य जीवन का सुख भोगें। ऐसे में कामदेव ने फूल बांधकर एक तीर शिव पर छोड़ा था, ताकि उनका तप भंग हो सके। इस कहानी के मुताबिक, भगवान शिव जी, जब वैराग्य से गृहस्थ जीवन में लौटे, तो उत्सव को मनाने के लिए भांग का प्रचलन शुरू हुआ।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
धार्मिक मान्यताओं में ये भी माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान जो अमृत निकला था, उसकी एक बूंद मंदार पर्वत पर गिर गई थी। इस बूंद के वजह से एक पौधा पैदा हुआ, जिसे औषधीय गुणों वाला भांग का पौधा माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
भांग का पौधा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
बता दें कि भांग का इस्तेमाल दवा के रूप में भी किया जाता है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भांग आपके सीखने और याद करने की क्षमता बढ़ाती है। इसका इस्तेमाल कई मानसिक बीमारियों में भी किया जाता है। कान का दर्द होने पर भांग की पत्तियों के रस को कान में डालने से दर्द से राहत मिलती है।
विज्ञापन
5 of 5
भांग (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
होली के खास मौके पर मिठाइयों, पकवानों और पान जैसी चीजों में लोग भांग मिलाकर खाते हैं। दूध में बादाम, पिस्ता और काली मिर्च के साथ थोड़ी सी भांग मिलाकर बनाई जाने वाली ठंडाई लोकप्रिय पेय रहा है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।