आज के समय में शायद ही कोई ऐसा होगा जो जूते नहीं पहनता होगा। जूता उपलब्ध होना इतना आसान है कि इसे पहनते समय कभी नहीं सोचते हैं कि जूता कभी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा अविष्कार रहा होगा। देखा जाए तो आज के समय जूता हमारे पहनावा का सबसे महत्वपूर्ण चीजों में एक है। आज ज्यादातर लोग अपने पहनावा में खर्च होने वाले पैसे का अधिकतर हिस्सा जूतों पर ही खर्च करते हैं। आज के समय में बाजार में जूतों की एक से बढ़कर एक वराइटी मिल जाएंगी। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में सबसे पहला जूता कौन और कब पहना था? या और सरल करके कहें तो जूतों का आविष्कार कब हुआ था? आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
History Of Shoes: अजीबोगरीब इतिहास है जूतों का, जानिए कब हुआ था आविष्कार?
दरअसल, जूता एक ऐसी वस्तु है जो हमारे पैर के पंजों को कई चीजों से बचाती है, फिर वो ठंड हो, गर्मी हो, बरसात हो या कुछ भी हो। इन सब के साथ जूते आरामदायक भी होते हैं। प्राचीन समय में जूते चमड़े, या लकड़ी के बनाए जाते थे। बदलते समय के साथ जूते रबड़, प्लास्टिक और पेट्रो रसायन सामग्री से तैयार किए जाने लगे।
ये है दुनिया का सबसे पुराना जूता
मगर जब इन सामग्रियों के बारे में लोगों को पता नहीं था, तब ये जूते कैसे तैयार किए जाते थे, इसकी भी अपने आप में दिलचस्प कहानी है। सबसे पहले ज्ञात जूते सैंडल हैं जो लगभग 7000 या 8000 ईसा पूर्व से पहले के हैं, जो सन ,1938 में ओरेगन के यूएस राज्य में फोर्ट रॉक गुफा में पाए गए थे। और दुनिया का सबसे पहला जूता चमड़े का जूता था जो आर्मेनिया की अरेनी-1 गुफा में मिला था। यह जूता 5,500 साल पुराना है और इसे 2008 में खोजा गया था। यह उस समय के लिए बहुत बड़ी खोज थी।
26,000 साल पहले हुआ था जूतों का आविष्कार
एरिक ट्रकोस एक भौतिकी मानव विज्ञानी हैं उन्हें इस बात का सबूत मिला कि जूतों का सबसे पहला उपयोग आज से 40 हजार से 26 हजार साल पहले के बीच शुरू हुआ था। उस समय जूतों के डिजाइन बहुत साधारण हुआ करते थे और ये चट्टानों से और साथ ही मलबे और ठंड से लोगों की रक्षा करने के लिए बनाए जाते थे। ये चमड़े से बनाए जाते थे। साल 1800 तक के आस पास जूते बाएं या दाएं पैर का भेद किए बिना ही बनाए जाते थे, उस समय दोनों पैरों के जूते एक जैसे होते थे।
उत्तरी अमेरिका में बहुत से मूलनिवासी एक समान प्रकार के जूते पहनते थे, जिन्हें वौकेशन कहा जाता था। ये बहुत टाइट हुआ करते थे साथ मुलायम और हल्के हुआ करते थे। फिर आयी 17वीं सदी, चमड़े के जूतों में सीले हुए तले का अधिक इस्तेमाल होने लगा, जिन्हें बेहतर क्वालिटी का जूता माना जाने लगा। 20वीं सदी आते-आते चमड़े से बने हुए जूतों की कीमत अधिक होने लगी। बदलते फैशन के साथ 20 वी सदी के बाद रबड़, प्लास्टिक, और सिंथेटिक कपड़ों के जूते बनने लगे।