Zara Hatke: म्यांमार पूर्वी एशियाई देशों के बीच यह स्वर्णभूमि के तौर पर प्रसिद्ध है। म्यांमार के शहरों के ऊपर से गुजरने पर पूरी जमीन के ऊपर सुनहरी चादर सी दिखाई देती है। सुनहरे स्तूप, मंदिर और पगोड़ा ही दिखाई देते हैं। अगर देखें तो हर तरफ सोना ही सोना दिखाई जेता है। इस स्वर्णभूमि के दिल से इरावदी नदी गुजरती है, जिसकी किनारे ही असली म्यांमार है। पहाड़ों पर विशाल बौद्ध मंदिर, बूंदों से भरे बादल, दूर-दूर तक फैले जंगल और किनारों पर स्थित छोटे-बड़े मकान दिखाई देते हैं।
मांडले बिजनेस फोरम के मुताबिक, मांडले के आस-पास की पहाड़ियों पर ही सात सौ से अधिक स्वर्ण मंदिर हैं। बगान नाम के शहर के इर्द-गिर्द तो 2200 से ज्यादा मंदिरों और पगोडा के खंडहर बिखरे हैं। 11वीं से 13वीं सदी के बीच पगान साम्राज्य के दौर में यहां पर 10 हजार से अधिक मंदिर थे। इस दौर में ही बौद्ध धर्म का विस्तार पूरे म्यांमार में हो रहा था। हालांकि, बौद्ध धर्म ने बर्मा की धरती पर दो हजार साल पहले ही कदम रख दिए थे।
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इस देश के लोगों को है गोल्ड का शौक, भोजन में भी डाल देते हैं सोना
- फोटो : Adobe Stock
बताया जाता है कि म्यांमार की संस्कृति में सोने की बहुत अहमियत है। वर्तमान समय में भी यहां पर परंपरागत तरीके से ही सोने को तरह-तरह के रंग-रूप में ढाला जाता है। इसका पूरा ध्यान रखा जाता है कि सोना पूरी तरह से शुद्ध है यानी 24 कैरेट गोल्ड है।
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इस देश के लोगों को है गोल्ड का शौक, भोजन में भी डाल देते हैं सोना
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बांस की पत्तियों के बीच में सोने को रखा जाता है और सौ से दो सौ परतें तैयार की जाती हैं। इसके बाद इनको हथौड़ों से करीब 6 घंटे तक पीटा जाता है, जिससे यह सही आकार ले सकें। इसके बाद इन्हें पतले-छोटे एक-एक इंच के टुकड़ों में काटा दिया जाता है। इन सोने की पत्तियों मंदिरों में चढ़ाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि परंपरागत दवाओं में भी सोने का इस्तेमाल होता है।
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इस देश के लोगों को है गोल्ड का शौक, भोजन में भी डाल देते हैं सोना
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यहां पर सबसे अनोखी बात यह है कि स्थानीय शराब में भी सोने के पत्तर को डाला जाता है। स्थानीय शराब को व्हाइट व्हिस्की के नाम से जाना जाता है। इनकी बोतलों में सोने के पत्तर डाल कर हिलाया जाता है। इसके बाद सोने मिली शराब को गिलास में डालकर लोग उसका लुत्फ लेते हैं।
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इस देश के लोगों को है गोल्ड का शौक, भोजन में भी डाल देते हैं सोना
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म्यांमार में सोना बेहद पवित्र माना जाता है। देश की करीब 90 फीसदी आबादी बौद्ध है। बौद्ध धर्म में सोने को बहुत अहमियत दी जाती है, क्योंकि सोने को सूरज का प्रतीक माना जाता है। सूरज ज्ञान और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है।
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म्यांमार में लोग बैंकों में बचत खातों की जगह सोना खरीदने को प्राथिमकता देते हैं। छोटे से छोटे कस्बे में सोने की दुकानें मिल जाती हैं। 1948 में अंग्रेजों से आजाद होने के बाद से ही म्यांमार की अर्थव्यवस्था अस्थिरता और बाकी दुनिया से अलगाव के दौर से गुजरती रही है। इसकी वजह से सोने में निवेश को लोग आज भी सब से सुरक्षित मानते हैं।