Dussehra 2025: भारत में विजयदशमी (दशहरा 2025) का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। विजयदशमी के मौक पर देशभर में रावण का पुतला जलाया जाता है। भगवान राम ने रावण का इसी दिन वध किया था और माता सीता को मुक्त कराया था। लेकिन भारत में कुछ ऐसी जगहे हैं जहां पर लोग रावण दहन नहीं करते हैं बल्कि उसकी पूजा करते हैं। उत्तर प्रदेश के एक गांव में रावण का मंदिर है और यहां दशानन के पुतले का दहन नहीं किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भगवान राम का जन्म उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। कुछ लोगों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के बिसरख गांव में रावण का जन्म हुआ था। यह गांव देश की राजधान दिल्ली से 40 किमी की दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोग मानते हैं कि रावण उनका पूर्वज था।
2 of 5
यूपी के इस गांव में हुआ था रावण का जन्म, लोग करते हैं पूजा
- फोटो : Adobe Stock
दशहरा के दिन देश के ज्यादातर इलाकों में रावण का दहन होता है और उत्सव मनाया जाता है, लेकिन बिसरख गांव के लोग इस दिन त्योहार नहीं मनाते हैं। इसके साथ ही रावण दहन भी नहीं करते हैं। रावण के मंदिर को लेकर बिसरख गांव की हमेशा चर्चा होती रहती है। रावण के मंदिर के लिए यह गांव प्रसिद्ध है।
3 of 5
यूपी के इस गांव में हुआ था रावण का जन्म, लोग करते हैं पूजा
- फोटो : Adobe Stock
गांव के बीचोबीच रावण का मंदिर बनाया गया है और यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि इस मंदिर में शिवलिंग की स्थापना रावण के दादा पुलस्त्य द्वारा की गई थी। रावण के पिता और रावण भी मौजूद शिवलिंग के सामने तपस्या कर चुके हैं।
Viral Video: जैसे ही शुरू हुआ जयमाला स्टेज पर नागिन की तरह ऐसे लहराई दुल्हन, शर्म से दूल्हा भी हुआ पानी-पानी
4 of 5
यूपी के इस गांव में हुआ था रावण का जन्म, लोग करते हैं पूजा
- फोटो : Adobe Stock
माना जाता है कि रावण के पिता विश्रवा ऋषि का गांव बिसरख था। वह यहां पर हर दिन भगवान शिव की पूजा करते थे। पूरे देश में बिसरख पहली ऐसी जगह है जहां अष्टभुजीय शिवलिंग स्थापित है। इसी जगह पर रावण ने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। बताया जाता है कि रावण के बाद कुंभकरण, सूर्पणखा और विभीषण का भी इसी गांव में जन्म हुआ था।
Viral Video: रेलवे ट्रैक पर अचानक से आई भेड़, वंदे भारत ट्रेन ने उड़ा दिए चिथड़े, वीडियो दहला देगा दिल
5 of 5
यूपी के इस गांव में हुआ था रावण का जन्म, लोग करते हैं पूजा
- फोटो : Adobe Stock
कहा जाता है कि वर्षों पहले इस गांव के लोगों ने रावण के पुतले का दहन किया था, तो कई लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद गांव के लोगों ने मंत्रोच्चारण के साथ रावण की पूजा की जिसके बाद यहा पर शांति हुई। इस बात में कितनी सच्चाई है यह हम नहीं बता सकते हैं। लेकिन इस गांव में दशहरा नहीं मनाया जाता है। गांव के लोग दशहरा न मनाने की अजीबोगरीब कहानियां बताते हैं।