नवरात्रि के समाप्त होने के बाद पूरे देश में दशहरा (Dussehra 2021) धूमधाम से मनाया जाता है। विजयदशमी को ही भगवान राम ने रावण को मार गिराया था और माता सीता को लेकर अयोध्या वापस आए थे। इसलिए इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। विजयदशमी के दिन भारत में रावण के पुतले को जलाया जाता है। लेकिन देश में कई ऐसी भी जगहे हैं जहां पर रावण का पूतला नहीं जलाया जाता है, बल्कि उसकी पूजा की जाती है। आईए जानते हैं उन जगहों के बारे में...
अजब-गजब: भारत में इन जगहों पर नहीं होता है रावण का दहन, दशहरे पर होती है पूजा
राजस्थान
राजस्थान के जोधपुर में भी कुछ खास लोग रावण की पूजा करते हैं। यहां पर भी रावण का मंदिर है। रावण की पूजा करने वाले लोग अपने आपको उसका वंशज मानते हैं। इसकी वजह से लोग दशहरा को रावण का पूतला नहीं जलाते हैं, बल्कि उसकी पूजा करते हैं।
आंध्रप्रदेश
आंध्रप्रदेश के काकिनाड में भी लोगों ने रावण का मंदिर बनाया है। यहां के लोग भगवान राम की शक्तियों को नहीं मानते हैं, बल्कि रावण को ही शक्तिशाली मानते हैं। यहां पर स्थित मंदिर में लोग भगवान शिव के साथ रावण की भी पूजा करते हैं।
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ नाम का कस्बा है जहां पर रावण की लोग पूजा करते हैं। मान्यता है कि रावण ने इसी स्थान पर भगवान शिव की तपस्या की थी। इसके बाद भगवान शिव ने प्रसन्न होकर रावण को मोक्ष का वरदान दिया था। यहां के लोग मानते हैं कि अगर रावण का पूतला फूंका तो उनकी मौत हो सकती है। इस डर से लोग रावण की पूजा करते हैं।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव में भी रावण की पूजा की जाती है। बताया जाता है कि बिसरख गांव रावण का ननिहल था और यहां पर उसका मंदिर बना हुआ है।