सोशल मीडिया पर कई ऐसी खबरें आती रहती हैं, जिसमें डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ना जानें कितनी जान चली जाती हैं। लेकिन इस घटना ने इस बात को चरितार्थ कर दिया कि डॉक्टरों को भगवान क्यों कहा जाता है। दरअसल, यूपी के शिकोहाबाद में एक बुजुर्ग सड़क दुर्घटना में बुरी तरह से घायल हो गए। आनन-फानन में घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने ऐसा काम किया कि आप भी उन्हें सलाम करेंगे।
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अस्पताल में नहीं थी बिजली।
- फोटो : twitter
रिपोर्ट्स के अनुसार शिकोहाबाद में सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग पूरी तरह से घायल हो गए। सड़क दुर्घटना की सूचना जैसे ही उनके बेटे मनोज कुमार को मिली। मनोज मौके पर पहुंचे और बुजुर्ग को लेकर फिरोजाबाद के सरकारी अस्पताल में पहुंचे। लेकिन अस्पताल में बिजली ही नहीं थी। इस दौरान अस्पताल के स्टाफ बिजली के आने का इंतजार करते रहे।
घायल बुजुर्ग की हालत बेहद खराब हो रही थी। शरीर से लगाातर खून बह रहा था। ऐसे में बुजुर्ग को तुरंत इलाज की जरूरत थी। डॉक्टरों ने परिस्थिति को देखते हुए बिजली आने का इंतजार न करते हुए इलाज करने का फैसला लिया। जिसके बाद अस्पताल के स्टाफ बुजुर्ग को लेकर अंदर गए। न्यूज एजेंसी ने अस्पताल का एक फोटो भी जारी किया। जिसमें आप साफ तौर पर देख सकते हैं कि कमरे में बिल्कुल ही रोशनी नहीं है। मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर डॉक्टर ने शख्स को टांका लगाया। अस्पताल का एक स्टाफ मोबाइल लिए वहीं खड़ा रहा।
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : amar ujala
एएनआई से बात करते हुए मनोज ने कहा कि जब हम अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर अपने कमरे में नहीं थे। वहीं उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डॉ. अभिषेक ने बताया कि अस्पताल में बिजली नहीं थी। ऐसे में मोबाइल के फ्लैशलाइट से इलाज किया गया। अस्पताल में एक इनवर्टर भी है, लेकिन वह उस समय डिस्चार्ज हो गया था।
हालांकि, जिस तरह से उस व्यक्ति का अस्पताल ने इलाज किया गया वह बेहद ही तारीफ करने वाली बात है। मोबाइल फ्लैश लाइट में ही बुजुर्ग का इलाज करके डॉक्टरों ने नई जिंदगी दे दी।