Cave on Moon: दुनियाभर के वैज्ञानिक चांद पर इंसानी बस्ती बनाने का सपना काफी सालों से देख रहे हैं। इसके लिए वह लंबे समय से शोध कर रहे हैं कि क्यां चांद पर इंसान रह सकता है? अब चंद्रमा पर एक गुफा मिली है, जिसका वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है। यह गुफा उस स्थान पर स्थित है, जहां चांद पर 55 साल पहले अमेरिका अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन उतरे थे। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह गुफा रहने लायक है, जिन्हें मेयर ट्रांक्विलिटैटिस पिट भी कहा जाता है। 328 फीट गहरी यह गुफा सी ऑफ ट्रांक्विलिटी में हैं।
Cave on Moon: वैज्ञानिकों ने चांद पर खोजी बड़ी गुफा, जहां पर बसाई जा सकती है इंसानों की बस्ती
दरअसल, एक गड्ढे के अंदर यह गुफा स्थित है, जो प्राचीन लावा सुरंगें हैं। इटली में यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रेंटो के शोधकर्ता लियोनॉर्डो करेर ने अपनी टीम के साथ मिलकर यह खुलासा किया है। उन्होंने अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लूनर रीकॉन्सेंस ऑर्बिटर द्वारा 2010 में ली गई तस्वीर और राडार डेटा का अध्ययन किया है। इन गड्ढों के अंदर का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस है। इस तापमान में इंसान आराम से रह सकता है और काम कर सकता है। Nature Astronomy जर्नल में यह अध्ययन प्रकाशित किया गया है।
चंद्रमा के अन्य इलाकों के गड्ढों से यह बिल्कुल अलग है, जिससे वैज्ञानिक हैरान हैं। चांद पर दो हफ्ते लंबा दिन होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां का तापमान इतना अधिक हो सकता है कि पृथ्वी पर पानी उबल जाए। अब ऐसे में माना जा रहा है कि इन गड्ढों में रहने लायक स्थितियों का होना अच्छी बात है। वैज्ञानिक लूनर पिट्स यानी चांद के गड्ढे के मिलने से बेहद हैरान हैं।
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नोआ पेट्रो ने बताया कि चांद पर लूनर पिट्स की खोज पहली बार साल 2009 में की गई थी। दरअसल पिट्स अलग होते हैं और गड्ढे अलग। गड्ढे छिछले हो सकते हैं, लेकिन पिट्स वर्टिकली सीधी गहराई वाले होते हैं। अब इनके भीतर सुरंगे और गुफाएं भी मिल गई हैं। यानी चांद पर गुफाओं में इंसान रहेगा।
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अगर इनके भीतर जाने का रास्ता मिलता है, तो अंतरिक्ष यात्री अपने रहने की जगह बना सकते हैं, क्योंकि यहां पर सोलर रेडिएशन, घटते-बढ़ते तापमान और छोटे उल्कापिंडों के टकराने का डर नहीं रहता। चांद की सतह से अधिक सुरक्षित होते हैं।