समाज को सही रूप से चलाने के लिए कानून एक बहुत ही जरूरी चीज है। अगर सही कानून व्यवस्था ना हो तो स्वभाविक सी बात है कि परेशानी बढ़ जाएगी। लेकिन कभी आपने सोचा है कि समाज की परेशानियों को दूर करने वाले कानून ही परेशानी की वजह बन जाएं तो क्या होगा? विश्व में कई ऐसे देश हैं जिनके कानून के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे। आइए जानते हैं दुनिया के कुछ अजीबोगरीब कानूनों के बारे में...
दुनिया के 5 अजीबोगरीब कानून, कहीं जींस पहनने पर रोक, तो कहीं जॉगिंग पर प्रतिबंध
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च्युइंग गम खाने पर प्रतिबंध
शराब, सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला आदि चीजों पर प्रतिबंध के बारे में आपने अक्सर सुना होगा, लेकिन क्या आपने च्युइंग गम पर रोक के बारे में कभी सुना है? बता दें कि सिंगापुर में साल 2004 से ही च्युइंग गम पर रोक है। इस कानून के पीछे सरकार की दलील है कि साफ-सफाई रखने में दिक्कत आती है। इतना ही नहीं, इस देश में आप बाहर से भी च्युइंग गम नहीं ला सकते हैं। अगर आपके पास च्युइंग गम होगा तो इसे हवाई अड्डे पर ही आपसे ले लिया जाएगा।
जॉगिंग पर रोक
पूर्वी अफ्रीका में बुरुंडी एक ऐसा देश है जहां आप जॉगिंग नहीं कर सकते हैं। स्वास्थ्य के लिए जॉगिंग करना भले ही लाभदायक है, लेकिन आप इस देश में इसे नहीं कर सकते हैं। दरअसल साल 2014 में यहां के राष्ट्रपति ने जॉगिंग पर रोक लगा दी। इस अजीबोगरीब कानून के पीछे उन्होंने दलील दी कि लोग असमाजिक गतिविधियों के लिए जॉगिंग की मदद लेते हैं।
संसद में मौत गैरकानूनी
इंग्लैंड में कानून है कि यहां संसद में किसी की मौत नहीं हो सकती। 2007 में इसे यूके का सबसे बेतुका कानून करार दिया गया था। लोगों ने कहा था कि इस कानून का कोई आधार नहीं है। हालांकि ये भी कहा गया था कि इस कानून के बारे में कहीं लिखित व्याख्या नहीं है।
बच्चों के नाम मर्जी से नहीं
बच्चे आपके ही हैं लेकिन आप उनके नाम अपनी मर्जी स नहीं रख सकते हैं। इसके लिए सरकार तय करेगी कि आप क्या नाम रखेंगे? यह अजूबा कानून डेनमार्क में है। डेनमार्क में आप अपने बच्चे का नाम मर्जी से नहीं रख सकते हैं। इसके लिए सरकार की तरफ से 7,000 नामों की एक सूची दी जाएगी जिनमें से एक नाम आपको चुनना होगा। आपको अपने बच्चे का पहला नाम इस तरह रखना होगा कि जिससे उसके लिंग का पता चले। अगर आप अपने पसंद से कोई नाम रखना चाहते हैं जो सूची में नहीं है तो आपको चर्च और सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी।